भारत आदिवासी पार्टी के बांसवाडा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी समुदाय के ऐतिहासिक बलिदान और वीरता को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना में आदिवासी रेजिमेंट की स्थापना कराने की मांग की। शाह को पत्र सौंपकर सांसद ने कहा देश के सभी हिस्सों से ब्रिटिश काल के दौरान भारत देश के प्रति आदिवासी समुदाय ने अपना अदम्य साहस और समर्पण दिखाया है। जहां ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई संघर्ष हुए हैं, जिनमें संताल विद्रोह, भील विद्रोह, मुंडा विद्रोह, कोल विद्रोह, रंपा विद्रोह एवं खासी विद्रोह आदि मौजूद है। पत्र में कहा भारत की आजादी में आदिवासियों की भी अहम भूमिका रही है। आदिवासी विद्रोहों ने स्वतंत्रता आन्दोलन को ना केवल क्षेत्रीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती प्रदान की। आदिवासी समुदाय की सेवा, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुल्य योगदान का देखते हुए राजपूत रेजिमेंट, जाट रेजिमेंट, और अन्य रेजिमेटों की तर्ज पर आदिवासी रेजिमेंट की स्थापना कराने की मांग की। रोत ने कहा जो ना केवल आदिवासी समुदाय की वीरता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके योगदान को और सशक्त बगाएगी। इन पर भी की चर्चा गृह मंत्री के साथ रोत ने विभिन्न आदिवासी मुद्दों भील प्रदेश की मांग, पांचवीं और छठवीं अनुसूची के प्रावधानों को धरातल पर लागू करने, अनुसूचित क्षेत्रों में असंवैधानिक नगरपालिका/नगर पंचायत, अनुसूचित क्षेत्रों में आरक्षण, काकरी डुंगरी प्रकरण में दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने के लिए पहल, अनुसूचित क्षेत्र और आदिवासियों पर पुलिस के कार्यप्रणाली व उनका मानसिकता में सुधार संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। Post navigation एसडीओपी नीरज नामदेव की उत्कृष्ट विवेचना से दहेज मृत्यु का अपराध कारित करने वाले 04 आरोपियो को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पत्रकार संतोष चौहान के हमलावरों को गिरफ्तार की मांग, प्रेस क्लब मनावर और प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने पुलिस महा निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा