अलीराजपुर लाइव से ब्यूरो चीफ फिरोज खान (बबलू) की रिपोर्ट
चन्दशेखर आजाद नगर की आंगनवाड़ी व स्कूलों में चलने वाली मध्यान्ह भोजन योजना व सांझा चूल्हा योजना का गेहूं-चावल अधिकांश समूहों को तीन से चार माह का राशन नहीं मिल रहा। वही अगस्त माह की खाद्यान्न पर्ची अन्य सहकारी समिति की दुकान की देने के चलते समूह के अध्यक्ष परेशान तो है ही साथ ही आंगनवाड़ी व स्कूलों की भोजन व्यवस्था भी लडख़ड़ाती दिखाई देने लगी है।
स्व-सहायता समूह को तीन से माह तक का नहीं मिल रहा अनाज-
चशेआजाद नगर क्षैत्र मे मध्यान्ह भोजन के खाद्यान्न को लेकर स्व सम्रुह को संचालित कर रही महिलाये परेशान दिखाई दे रहे है। तीन माह का खाद्यान्न कूपन मिलने के बाद भी समूहों के सदस्य कंट्रोल के चक्कर लगाते नजर आ सकते है । जब भी राशन दुकानों पर राशन लेने समूह के कार्यकर्ता अनाज लेने पहुंचते है तो दुकान के सेल्समैन का कहना पड़ता है कि अभी राशन आने पर आप लोगों को दे दिया जाएगा। स्व सहायता समूह इक्का-दुक्का समूह को छोडक़र अधिकांश समूह को राशन न मिलने व खाद्यान्न पर्ची की गलती के कारण अपने स्तर से आंगनवाड़ी व स्कूलों में भोजन की व्यवस्था चला रहे है।
बीआरसी कार्यालय की गलती के कारण स्व सहायता समूह को 25 किमी से लाना होगा अनाज-
चशे आजाद नगर मे इस बार अगस्त माह के राशन कूपन में गांव की दुकान से खाद्यान्न की पर्ची ना होकर 20 से 25 किलो मीटर की खाद्यान्न की पर्ची अध्यक्ष को दे दी गई, जो राशन लेने जब गांव की कटोल दुकान पर पहुंचे तो कोई बड़ीपोल तो कोई सम्रूह को आजाद नगर या बड़ी करेटी दुकान से खाद्यान्न मिलने की बात कह रहे है। अभी तक सोसाइटी पर सबसे बड़ी राशन दुकान पर को राशन दिया जाता आ रहा है। परन्तु इस बार अगस्त माह की खाद्यान्न पर्ची अन्य राशन दुकानों की दे दी गई जहां कभी भी स्व सहायता समूह का खाद्यान्न आवटन नहीं आया। समूह को राशन पर्ची तो अगस्त माह की दे दी गई परन्तु आवंटन दुकानों पर नहीं पहुंचा परन्तु राशन का आवंटन नहीं पहुंचने के कारण भी समूह के कार्यकर्ता दुकान के 20 किलो मीटर तक राशन लेने के लिए इधर ऊधर चक्कर लगा रहे हैं।
बरझर क्षेत्र मे संकुल प्रभारी की अनदेखी के चलते लडख़ड़ाई व्यवस्था
शासन प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी जमीनी स्तर पर आंगनवाड़ी व स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जिम्मेदार जन शिक्षक भी मध्यान्ह भोजन मे आ रही परेशानीयो को वरिष्ठ अधिकारीयो तक नहीं पहुंचा रहे हें जिसके चलते आज शासन की महत्वपूर्ण मध्यान्ह भोजन योजना का सही संचालन नहीं कर पा रहे है। कहीं भोजन बन रहा हें तो कोई स्व सहायता समूह परेशानी बताकर भोजन एक दिन छोडक़र दे रहे है। पूरेे मामले पर बीआरसी शैलेन्द डावर से बात करना चाही तो सम्पर्क नहीं हो सका ।

—हमारे समूह की एक खाद्यान्न पर्ची आजाद नगर व दूसरी पर्ची महेन्दा दुकान की है । महेन्द्रा मे अनाज आवंटन नहीं आने के कारण अनाज नहीं मिला तो आजाद नगर 15 किलो मीटर दुर से लाना होगा ।
– सविता बामनिया, अध्यक्ष सह सहायता समूह
हमारा राशन तीन माह का शेष है। अभी हमें बरझर से बड़ी करेटी की खाद्यान्न पर्ची दी, जो 18 किमी दूर है जाकर खाध्यान्न लाएंगे।
– नन्दु शंकरिया, कटारा स्व सहायता समूह बरझर
–बीआरसी से खाद्यान्न पर्ची पहले दे दी जाती है। जानकारी बाद मे भेजी जाती है जिसके चलते आवंटन हमारे पास लेट आता है।                        बीआरसी से खाद्यान्न पर्ची पहले दे दी जाती है। जानकारी बाद मे भेजी जाती है जिसके चलते आवंटन हमारे पास आने में विलंब होता है। तीन माह के राशन पर्ची में बीआरसी के साइन करने को कहा गया र्सान होकर आएंगे तो दे दिया जाएगा।
रामसिंह सेल्समैन, बरझर

–मध्यान्ह भोजन या साझा चूल्हे का राशन की पर्ची पहली बार दुकान की जारी हुई है। खाद्यान्न का आवटन आने पर सम्रूहो को देंगे
धमेन्द पंचाल सेल्समैन, महेंद्रा
–तीन दुकानों मे मध्यान्ह भोजन का राशन आ चुका है वितरण चालू है व सांझा चूल्हे का राशन आना बाकी है। कूपन पर्ची बीआरसी से बनती है वहां से बड़ी गलती हुई है। हम इसमे कुछ नही कर सकते।
केएस गाड़रिया, सोसाइटी मैनेजर, बरझर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *