थांदला। आचार्यश्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य समतामूर्तिश्री चंद्रेशमुनिजी, थांदला गौरवश्री सुयशमुनिजी ठाणा 2 एवं साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी, प्रियशीलाजी, दीप्तिजी ठाणा 4 के सानिध्य में 10 सितंबर शनिवार को पक्खी पर्व मनाया जाएगा। श्रीसंघ के अध्यक्ष जितेंद्र घोड़ावत, सचिव प्रदीप गादिया व ललित जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष रवि लोढ़ा ने बताया कि संत मण्डल व साध्वी मंडल के सानिध्य में प्रातः राई प्रतिक्रमण, प्रार्थना, व्याख्यान, दोपहर में ज्ञान चर्चा, शाम को देवसीय प्रतिक्रमण, कल्याण मंदिर, चौवीसी आदि विविध आराधनाएँ हो रही हैं। जिसमें श्रावक श्राविकाएँ उत्साहपूर्वक आराधना कर रहे हैं। संत एवं साध्वी मंडल के सानिध्य में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ द्वारा 10 सितंबर शनिवार को पक्खी पर्व जप, तप, त्याग, तपस्या व विविध आराधनाओं के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप भी होंगे।

प्रतिदिन व्याख्यान के माध्यम से श्रवण कर रहे हैं जिनवाणी

पौषध भवन पर श्री चंद्रेशमुनिजी, श्री सुयशमुनिजी व साध्वीश्री निखिलशीलाजी आदि ठाणा के व्याख्यान प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे तक हो रहे है। 10 सितंबर पक्खी पर्व के प्रसंग पर श्रावक-श्राविकाएं पौषध, उपवास, आयंबिल, नीवीं, एकासन, बियासन आदि विविध तप आराधना करेगें। इस दिन शाम को 06.40  बजे से पक्खी प्रतिक्रमण प्रारंभ होगा। श्रावक वर्ग का प्रतिक्रमण पौषध भवन पर व श्राविका वर्ग का प्रतिक्रमण दौलत भवन पर होगा। श्री संघ ने समस्त श्रावक-श्राविकाओं से पक्खी पर्व पर अधिक से अधिक तप एवं धर्म आराधना करने का आह्वान किया हैं। 

11 सितंबर रविवार को होंगे सामूहिक पारणे

पक्खी पर्व के प्रसंग पर उपवास आदि विविध तप आराधना करने वाले आराधकों के सामूहिक पारणे 11 सितंबर रविवार को स्थानीय मेट्रो परिसर पर होंगे। सामूहिक पारणे करवाने का लाभ कमल बाबूलाल छाजेड़ परिवार ने लिया हैं। सामूहिक पारणे के पूर्व नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप होंगे।

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