मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ आम्बुआ तथा समीप ग्राम बोरझाड़ एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 17 मार्च की रात होलिका दहन शुभ मुहूर्त किया जा कर एक दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी गई। हिंदू समाज का विशेष पर्व जो कि शिवरात्रि के बाद का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है तथा जो रंगों का त्योहार होकर आपसी मनमुटाव दुश्मनी को भुलाकर गले लगाने वाला होता है यह होली त्यौहार पूर्णिमा से लेकर शीतला सप्तमी तक चलता है 17 मार्च को आम्बुआ सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पूर्व होली की पूजा अर्चना की गई होली दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गई होली दहन स्थल पर युवाओं ने सुबह से ही साफ सफाई कर रात्रि में विद्युत व्यवस्था की गई। समीप ग्राम बोरझाड़ मे भी होलिका दहन पूर्व परंपरागत तरीके से राजपरिवार के वंशज ठाकुर डॉ राजेंद्र सिंह राठौर परिवार की ओर से होली पूजन किया गया तदोपरांत पुजारा द्वारा होलिका दहन किया गया। आम्बुआ तथा बोरझाड़ में होलिका दहन स्थल पर ढोल मांदल व डीजे पर ग्रामीणों ने जमकर नृत्य कर खुशियां मनाई। Post navigation आखिरी भगोरिया हाट में ढोल मांदल की थाप पर जमकर थिरके विधायक बडा हादसा – कुएं में डुबने से तीन महिलाओं की मौत