लवेश स्वर्णकार, रायपुरिया

रायपुरिया में अल सुबह खनिज विभाग का एक सायरन लगा वाहन रायपुरिया पहुंचा । बताया जा रहा हे कोई जुवान सिंह भिंडे साहब इस वाहन में सवार थे । उनकी ओर से 7 डंफर को थाने पर कार्रवाई के लिए खड़ा करवाया गया हे देखा गया कि 1 डंफर पर साहब की मेहरबानी दिखी 7 डंफर के चालक ओर उनके एजेंट इस कारवाही के बाद हक्के बक्के दिखाई दे रहे थे । लेकिन डंफर क्रमांक RJ 35 GB 3118 को साहब की इस कारवाही का कोई फर्क दिखाई नहीं दिया फोटो बताते हे उक्त फरार डंफर भी दूसरे 7 डंफरो की तरह ओवरलोड था ,बताया जा रहा की इस डंफर की चाबी भी खनिज विभाग के अधिकारी भिंडे जी को दूसरे डंफर से जुड़े लोगों द्वारा दे दी गई थी लेकिन यह डंफर घंटों रायपुरिया के बायपास के समीप खड़ा रहा अब साहब ही बताए कि उनको चाबी देने के बाद यदि यह डंफर लीगल था तो फिर यह डंफर साहब के जाने के बाद रायपुरिया के खेल मैदान के पीछे बायपास पर रेत खाली करके झाबुआ की ओर क्यों फरार हो गया क्या यह डंफर साहब की मेहरबानी से चलता हे ? या इस डंफर का मालिक इतना दबंग हे कि साहब इस पर कार्रवाई नहीं कर सकते ? चर्चा तो यह भी हो रही कि उक्त डंफर साहब के किसी पहचान वाले का था जिस पर साहब मेहरबानी दिखा रहे थे।

इन नंबर के डंफरो को थाने पर खड़ा किया

MP 09 ZB 9027

GJ 34 T 2660

RJ 03 GA 7015

RAJ 09 CE 2315

शेष डंफर पर नंबर भी मौजूद नहीं है

क्रमांक RJ 35 GB 3118 के इस डंफर के घंटों रायपुरिया में घंटों खड़े रहने तथा रेत खाली करने से लेकर झाबुआ की ओर जाने तक सम्पूर्ण प्रमाण मौजूद है

साहब की कृपा से रेत का अवैध कारोबार, एजेंटो के जरिए अंधेरी रात में चमकदार रेत का काला खेल

रायपुरिया में अवैध रेत का कारोबार खूब फल फूल रहा हे, रेत के एजेंटो के जरिए गुजरात राजस्थान से रेत के डंफर रात के अंधेरे तथा सुबह जल्दी यहां पहुंचते हे कल्याणपुरा रोड पर पेट्रोल पंप तथा बायपास पर तोल कांटो के आसपास देर रात तथा अल सुबह इन ओवरलोड डंफर को खड़े देखा जा सकता हे इन हर एक डंफरो को रायपुरिया तथा आसपास के गांवों में कमीशन एजेंटो के जरियों ग्राहक तक पहुंचाया जा रहा हे रायपुरिया में इन एजेंटो के जरिए गुजरात राजस्थान से आने वाले ओवरलोड डंफरो से रेत का कारोबार कर मोटी रकम कमाई की जा रही हे ऐसा नहीं कि यह सब खनिज विभाग की जानकारी में नहीं हे,हमारे पास ऐसे सूत्र हे जो बता रहे की इन ओवरलोड डंफर से रेत का परिवहन करने के लिए महीना बंदी फिक्स की हुई हे इसकी आड में ही यह काला खेल खेला जा रहा हे। सूत्रों की माने तो खनिज विभाग एजेंटो ओर डंफर मालिकों से साठगांठ कर शासन को भारी राजस्व का चुना लगा रहे हे। ओवरलोड डंफर और एजेंट के गठजोड़ की जानकारी किसी से छुपी नहीं हे । बहरहाल साहब द्वारा डंफर क्रमांक RJ 35 GB 3118 को थाने पर लाए बिना रेत खाली करके झाबुआ की ओर क्यों जाने दिया इस बात की चर्चा आम है।

इनका कहना है

मामले में जब खनिज विभाग के अधिकारी भिंडे से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि अभी मैं नाश्ता कर रहा हूं, आपसे बाद में बात करता हूं।

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