मयंक विश्वकर्मा @आम्बुआ

विगत 11-12 दिनों से देश के साथ आम्बुआ तथा समीप ग्राम बोरझाड़ में लाॅक डाउन किया हुआ है जिस कारण छोटे व्यवसाय तथा दैनिक मजदूरी करने वाले के सामने रोजी-रोटी का संकट उपस्थित होने लगा है।विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से ना तो अनाज आदि बिकने आ पा रहा है और ना ही शहरों से उन्हें रोजमर्रा का सामान मिल पा रहा है जिस कारण कई लोग विशेषकर शिक्षित बेरोजगार अपराधों की ओर अग्रसर होते दिखाई दे रहे है।

क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में इजाफा होने की पूर्ण संभावना दिखाई दे रही है कुछ स्थानों पर ऐसी घटनाएं हुई भी है। आम्बुआ तथा बोरझाड़ में नागरिक गश्त कर रहे हैं जिस पर रात्रि में पत्थरबाजी की जाने की खबर है जिसे ग्रामीण तथा पुलिस ने मिलकर विफल कर दिया।

आम्बुआ संवाददाता के अनुसार लॉक डाउन से क्षेत्र में भले ही मरीजों की संख्या ना बड़ी हो। मगर इसके कारण होने वाली परेशानी विशेषकर बेरोजगारी का असर अपराधों के रूप में दिखाई देने लगा है। आम्बुआ में एक ही रात में जल प्रदाय योजना की मोटर का स्टार्टर तथा केबल के साथ ही कस्बे से दो मोटरसाइकिल चोरी हो गई स्थिति को देखते हुए पुलिस तथा नागरिकों की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रात्रि में सुरक्षा की दृष्टि से नागरिक भी गस्त करें ताकि अपराधियों को अपराध करने से रोका जा सके । 3 अप्रैल की रात आम्बुआ आवास फलिया में ऐसे ही गश्त कर रही टोली पर कुछ असामाजिक तथ्य जो की चोरी करने की नियत से कस्बे में घुसना चाहते थे ने पत्थरों से हमला कर दिया सूचना पर पुलिस बल पहुंचा तथा सभी ने मिलकर चोरों को खदेड़ दिया। इसी रात समीप ग्राम बोरझाड़ में भी कुछ चोरों को वहां गश्त कर रहे नागरिकों तथा पुलिस जवानों ने खदेड़ दिया आगामी समय में ऐसे असामाजिक तत्व पूर्ण कोई बड़ी वारदात ना कर दें। इसके लिए नागरिकों को सचेत किया गया है तथा नागरिकों की गस्ती टोलियों को चौकन्ना रहने का कहा गया है । नागरिकों की मांग है कि चुंकि वह अपने साथ डंडा आदि ही रखते हैं इसलिए उन्हें शस्त्र के साथ जवान भी दिया जाए तथा जिसके पास निजी शास्त्र है उन्हें भी गश्त में शामिल किया जाए ताकि वह सुरक्षित रहकर सुरक्षा कर सकें।

 

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