दिनेश वर्मा झाबुआ

मध्यप्रदेश में पुराने वाहनों के लिए नए स्क्रैपिंग केंद्र बनाए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में 8 स्क्रैपिंग केंद्र संचालित हैं, जबकि 21 नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे वाहनों के व्यवस्थित निपटान के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के विस्तार को भी गति दी जाएगी। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 30 ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्र शुरू हो चुके हैं और 6 अन्य केंद्रों को अनुमति दी जाएगी।

देश में लगभग 22 लाख कुशल ड्राइवरों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए मध्यप्रदेश के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों में ड्राइविंग प्रशिक्षण विद्यालय खोले जाएंगे। प्रदेश में 29 ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र पहले से स्वीकृत हैं। अब 61 नए केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इनमें 56 चालक प्रशिक्षण केंद्र, 4 एकीकृत चालक प्रशिक्षण केंद्र और 1 चालक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ स्वाभिमान और सम्मान से रोजगार प्राप्त करने के नए अवसर मिलेंगे।

टाटा, महिंद्रा और अशोक लीलैंड जैसी वाहन कंपनियों के सहयोग से देश के 120 आकांक्षी जिलों में भी ऐसे प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

*श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री*

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