पियुष चंदेल @ अलीराजपुर


आजादी के 72 साल बाद पश्चिम मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल अलीराजपुर मे 30 अक्टूबर 2019 को पहली बार ट्रेन चलना तो शुरु हुई लेकिन चलने के दो महीने के भीतर ही अलीराजपुर से वडोदरा की ओर आने जाने वाली यह एकमात्र ट्रेन अब घाटे मे चल यही है यह ट्रेन यात्रियों की किल्लत से जूझ रही है ट्रेन मे कुल 8 डिब्बे है ओर ट्रेन मे साढे 500 से अधिक यात्री सवार हो सकते है भारतीय रेलवे मे आने वाली भीड के अनुसार यह संख्या 1000 यात्री की हो सकती है लेकिन बमुश्किल कभी 100 तो कभी 60 यात्री ही मिल रहे है । बात अगर नवंबर – दिसंबर की करे तो सबसे अधिक कलेक्शन यानी राजस्व 3 नवंबर को आया था जब 65 टिकट बिके ओर 243 यात्रियों ने ट्रेन मे सफर किया ओर 5215 रुपये का राजस्व आया ओर 21 दिसंबर को रेलवे को अलीराजपुर स्टेशन से मात्र 15 यात्री मिले ओर 460 रुपये का राजस्व मिला .. आज यानी 6 जनवरी 2020 को मात्र 1000 रुपये का कलेक्शन आया ।

सुनसान रहता है प्लेटफार्म

अलीराजपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बडोदा से चलकर 1बजकर 40 मिनट पर दोपहर आ जाती है ओर 4 बजकर 15 मिनट पर रवाना होती है तब तक ज्यादातर लोग सेल्फी खिंचवाने आते है यात्रियों की भीड ना के बराबर होती है ।

यह है दो प्रमूख वजह

दरअसल अलीराजपुर से वडोदरा की इस ट्रेन को यात्रीयों की कमी का सामना इसलिऐ भी करना पड रहा है क्योकि ट्रेन का टाइम ठीक नही है ट्रेन रात को 7.45 पर पहुंचती है ओर सुबह 10.30 बजे वहां से चलती है लिहाजा दिन मे मेडिकल ओर व्यापार के उददेश्य से जाने वालो के लिए यह ट्रेन अनुपयोगी है दूसरी वजह ट्रेन जब तक धार तक नही होती ओर दाहोद से इंदोर का ट्रेक पूरा नही होता ओर उस लाइन पर ट्रेन नही चलती तब तक इंदोर से वडोदरा की कनेक्टिविटी नही हो पायेगी ।

सांसद बोले
रेल्वे के अफसरों ओर मंत्रीजी को पत्र लिखा है जल्दी ही ट्रेन का समय सही करवायेंगे उसके बाद यात्रियों की किल्लत नहीं होगी – गुमानसिंह डामोर, सांसद

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