विजय मालवी, बडीखट्टाली म्हारा कीर्तन में रस बरसाओ आओ जी गजानन आओ का भजन जैसे ही शुरू हुआ आसमान में छाई काली घटाओं ने झमाझम बारिश शुरु कर दी जितनी देर भजनों का दौर चलता रहा इंद्रदेव बरसते रहे अवसर था माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा चारभुजा मंदिर परिसर में मनाया जा रहे झूला उत्सव का। चारभुजा धाम बड़ी खट्टाली में माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा गुरुवार को श्रावण मास की एकादशी के उपलक्ष में झूला उत्सव मनाया गया ।झूले में विराजित बाल गोपाल कृष्ण कन्हैया को झूलाते हुए महिला मंडल ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी “सावन की देखो ठंडी फुहार झूला डाल कदम की डार'” के भजनों पर भगवान श्री कृष्ण को जमकर झुलाया गया। जबकि “राधा झूला झूल रही संग श्याम के साथ” भजन ने तो मानो समा ही बांध दिया। वही सकुचाती अकेली थी चली पनिया भजन शिव नारी अरे सागर पर उतरी गगरी के भजन शिव पार्वती की आराधना के साथ श्रावण मास की महिमा का बखान किया गया। “दूर नगरी बड़ी दूर नगरी कैसे आऊं रे सांवरिया, तेरी गोकुल नगरी” के भजन के माध्यम से कृष्ण गोपी विरह की शानदार प्रस्तुति दी गई। अंत में भगवान चारभुजा का भजन “चारभुजा गढबोर थारा बंद दरवाजा खोल” की भजन पर तो मानव सभी झूमने लगे अंत में आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। Post navigation देश की समृधि के लिए 525000 महामृत्युंजय मन्त्र जाप शुरू,59 लोग कर रहे प्रतिदिन 2100 जाप किसान नगरसिंह की बेटियों कर रही ग्राम का नाम रोशन, अनिता ने हायर सेकंडरी में पाया अव्वल मुकाम