मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता का वृत्त महिलाओं द्वारा किया जाता है तथा पीपल की पूजा परिक्रमा कर परिवार में सुख शांति तथा आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दशा सुधारने की कामना की। होलिका दहन के बाद शीतला सप्तमी अष्टमी का पूजन आदि के बाद दशमी तिथि को दशा माता का व्रत तथा पीपल की पूजा का विधान है। 30 मार्च को दशमी तिथि पर महिलाओं ने व्रत किया तथा सुबह से ही पीपल की पूजा की पेड़ पर धागा लपेटकर परिक्रमा की तथा परिवार की दशा सुधारने की कामना की। साथ ही दशा माता का धागा गले में धारण किया अंबे माता मंदिर प्रांगण हथनी नदी के किनार में सुबह से महिलाओं की भीड़ जुटी रही तथा अपना कृय आने पर पूजा अर्चना तथा पीपल की परिक्रमा की कहते हैं कि चेत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता का व्रत पीपल की पूजा परिक्रमा से घर में सुख शांति के साथ पारिवारिक परेशानियां समाप्त होकर परिवार तथा परिवार के सदस्यों की दशा ठीक हो जाती है शाम को व्रत समाप्त किया जाता है। ) Post navigation खनिज निरीक्षक अधिकारी की सक्रियता से, अवैध खनिज परिवहन करने वालों में मचा हडक़ंप, कई चालक ट्रक छोडक़र भागे बीट 445 के प्लांटेशन में अज्ञात बदमाशों लगाई आग, कई कीमती पेड़ जलकर हुए राख