कुंवर हर्षवर्धन सिंह, राणापुर मकर संक्रांति का पर्व उत्साह और उमंग का प्रतीक है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर हम बेजुबान पक्षियों और अपनी सुरक्षा को भूल जाते हैं। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, समाजसेवी यशवी नितेश शाह द्वारा एक विशेष पहल की गई। ग्रामीण इलाकों से पतंग की चाह में शहर आने वाले बच्चों की सुरक्षा और उत्साह को देखते हुए उन्हें लगभग 1200 पतंगें वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान यशवी शाह ने बच्चों को नायलॉन (चाइनीज) धागे के घातक परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे सिर्फ सूती (कॉटन) धागे का ही उपयोग करें, ताकि आसमान में उड़ने वाले परिंदे सुरक्षित रहें। उन्होंने संदेश दिया कि “हमारा मनोरंजन किसी की जान से ज्यादा कीमती नहीं होना चाहिए।” जीव-दया की मिसाल पेश करते हुए यशवी शाह ने बच्चों और उपस्थित लोगों से कहा कि यदि कहीं भी मांझे से घायल कबूतर या अन्य पक्षी मिलते हैं, तो उन्हें तुरंत उनके पास लाएं। उन्होंने उन घायल पक्षियों के समुचित इलाज और देखभाल की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प भी दोहराया। इस नेक कार्य में राणापुर टी.आई. दिनेश रावत भी सम्मिलित हुए। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और अपनी ओर से मिठाई का वितरण कर त्योहार की खुशियां बांटी। टी.आई. रावत ने भी बच्चों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और नायलॉन धागे का उपयोग न करने की सख्त समझाइश दी। Post navigation अंधे कत्ल का पुलिस ने किया खुलासा, भाई ही निकला भाई का हत्यारा ढोलियावाड़-बोरकुंआ मार्ग पर डंपर-बाइक की भिड़ंत, दो की मौत की खबर