थांदला। नगर की ऐतिहासिक धरोहर सामाजिक समरसता ,धार्मिक एकात्मता के प्राचीन नरसिंह -ऋषभदेवजी मन्दिर के नव निर्माण को लेकर विगत पन्द्रह वर्षो से मूर्ति पूजक जैन एवं सनातन धर्मावालम्बियों में चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप जैन मुनि पियुषचन्द्र विजयजी म.सा. की मध्यस्थता में हुआ । जिसमें दोनो समाजजन के मध्य प्रस्तावित मन्दिर निर्माण के नक्शे माॅडल पर आपसी सहमती होने पर मन्दिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ । यह समाचार नगर में आते ही समाजजनों में हर्ष व्याप्त हो गया । दोनो ही समाजजन मन्दिर श्री पर एकत्रित हूए जिसमें मूर्ति पूजक जैन समाज अध्यक्ष कमलेश दायजी कोषाध्यक्ष प्रफुल पोरवाल, मयुर तलेरा, उमेश बी पीचा, कमल पीचा,विनय छिपानी, जितेन्द्र लोढा,अर्पित लुणावत, चंचल भंडारी, सहीत सनातन धर्म समाज के गगनेश उपाध्याय, लक्ष्मण राठौड, जितेन्द्र राठौड, समर्थ उपाध्याय, भेरूलाल वैघ, सचिन सोनी , चन्द्रकांत धानक, श्रीमंत अरोरा, डाॅ सागर मित्रा,दिनेश नागर, राकेश सोनी, विनित शर्मा सहित बडी संख्या में दोनो समाजजनों ने मन्दिर में विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन करते हूए मन्दिर निर्माण की सहमती बनने पर एक दूसरे का मिठाईयाॅ खिलााकर बधाईया प्रेषित करी एवं ढोल ढमाकों के साथ हर्ष प्रकट करते हूए मन्दिर प्रांगण में आतिशबाजी करी ततपश्चात जूलूस के रूप में आजाद चैक पहुंचे जहाॅं भी आतिशबाजी कर मिठाईयाॅं वितरित की गई । Post navigation शीतला सप्तमी महोत्सव धूमधाम से मनाया राज्य पुरातत्व व्दारा संरक्षित भक्त मलूकदास की प्राचीन बावडी के जीर्णोद्धार हेतु 19 लाख की स्वीकृति