विपुल पांचाल@ झाबुआ Live
कोरोना योद्धा कहे जाने वाले स्वास्थ्यकर्मी पर भोपाल में गुरुवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज से कल 5 दिसम्बर तक जिले में सभी कोविड-19 कर्मचारी अवकाश पर रहकर विरोध दर्ज किया हैं।
इनमे 17 आयुष डॉक्टर, 31 नर्स व 36 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल है। इन सभी कर्मचारियों ने जिला चिकित्सा अधिकारी डाक्टर जेपीएस ठाकुर को एक ज्ञापन भी सौपा।
दरअसल, कोरोना संक्रमण कम होने पर स्वास्थ्य विभाग ने इन स्वास्थ्य कर्मचारियों का कॉन्ट्रेक्ट समाप्त कर दिया। इसमें नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन शामिल हैं। ऐसे में ये सभी लोग वापस नौकरी में रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करने राजधानी पहुंचे थे, लेकिन बात सुनने के बजाय पुलिस ने इनपर लाठी चार्ज कर दिया।
ज्ञापन में बताया गया कि जब सभी अपनी मांगों को लेकर नीलम पार्क में एकजुट हुए तो प्रशासन ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान चार महिला स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। एक गर्भवती महिला स्वास्थ्यकर्मी प्रशासन के रवैये से इस कदर परेशान हुई कि बेहोश हो गई। उसे तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। धरनास्थल से हटाने में नाकाम प्रशासन कुछ स्वास्थ्यकर्मियों को जेल भी ले जाया गया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि कोरोना महामारी में जब हमारी जरूरत थी तो काम करा लिया और अब हमें निकाल दिया गया है।

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