भूपेंद्र नायक, पिटोल झाबुआ जिले की ग्रामीण अंचल के युवा देश की सुरक्षा के लिए देश की सीमा पर अपनी सेवाएं देकर सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। झाबुआ के जिले के युवाओं को इस सेना में जाने निशुल्क सोल्जर फिजिकल ग्रुप के प्रशिक्षक उदय बिलवाल प्रशिक्षण के आधार पर देश की सेना में चयन होता है। इसी कड़ी में पिटोल क्षेत्र के दो युवा सेना में भर्ती हुए हैं। दोनों युवा हैदराबाद से एवं जोधपुर से कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर अपने जिले झाबुआ पहुंचे। झाबुआ में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद खेड़ी गांव के युवा याकूब बिलवाल का झाबुआ में युवाओं और खेड़ी गांव के ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के पश्चात याकूब बिलवाल को ग्रह गांव खेड़ी में नेशनल हाईवे से अपने घर टाहकिया फलिया तक डीजे पर देश भक्ति की धुन पर भव्य जुलूस निकाल कर ले जाया गया। याकूब बिलवाल का माता पिता के साथ परिवारजनों एवं समस्त खेड़ी ग्राम के ग्रामीण जनों ने स्वागत कर किया वहीं पिटोल नगर के दिनेश पिता नेतिया गुंडिया ने सीआरपीएफ कमांडो की ट्रेनिंग आईटीसी जोधपुर राजस्थान से की। ट्रेनिंग पूरी कर वो पिटोल नगर पहुंचे और पिटोल नगर आदिवासी समाज के साथ सर्व समाज के वरिष्ठ जनों के साथ सर्व समाज के युवाओं द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। आदिवासी समाज युवाओं द्वारा युवा सैनिक दिनेश को पगड़ी शाल श्रीफल फुल मालाओं और पगड़ी पहनाकर कंधे बिठा कर डी जे पर भव्य जुलूस निकाला और पिटोल नगर के समस्त युवा के साथ वरिष्ठजनों ने युवा दिनेश की इस उपलब्धि पर बधाई दे कर खुशियां जाएगी जाहिर की। माता पिता से पहले गुरु का आशीर्वाद लेने पहुंचे युवा सैनिक दोनों से युवा सैनिक अपने ग्रह नगर पहुंचने से पहले अपने गुरु उदय बिलवाल सुबह 7 बजे कॉलेज ग्राउंड पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया इसके पश्चात उनके माता-पिता परिजनों से मुलाकात कर अपने गांव आए। संघर्ष मय कहानी है इन युवा सैनिकों की याकूब और दिनेश ग्रामीण क्षेत्रों पढ़ाई करते थे और देश सेवा का करने का सपना संजोए थे सपना को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत याकूब बिलवाल को जीवन में पढ़ाई के साथ दिन में आईडिया एयरटेल आदि कंपनियों की सीम बेचा करता था। रात में आजाद हॉस्पिटल झाबुआ मैं चौकीदारी का काम किया। चौकीदारी करते हुए रात को पढ़ाई की। सुबह घंटे सुबह 2 घंटे कॉलेज ग्राउंड पर निशुल्क सोल्जर फिजिकल ग्रुप साथ पसीना बहाकर फिजिकल ट्रेनिंग लेता था। वही दिनेश झाबुआ जाकर ट्रेनिंग लेकर संघर्ष करते हुए पढ़ाई कि एवं जीवन चलाने का पार्ट टाइम जॉब के साथ कॉलेज ग्राउंड पर प्रशिक्षक उदय बिलवाल सेट्रेनिंग लेकर दोनों युवाओं ने सफलता अर्जित कर देश सेवा के लिए सेना में प्रवेश लेकर सीमा सुरक्षा के लिए सेवा देंगे। Post navigation बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में पिटोल पूर्ण रूप से बंद रहा पतंग विक्रेताओं की दुकान पर चलाया चैकिंग अभियान, चाइना डोर बेचते मिले तो होगी कानूनी कार्रवाई