भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर चंद्रशेखर आज़ाद नगर (भाबरा) में इन दिनों जल संकट और नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नगर की RO पानी सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे कई इलाकों में पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँचने के बावजूद नगर पंचायत द्वारा नियमित रूप से बिलों की वसूली जारी है। प्रशासनिक विफलता का आलम यह है कि परेशान नागरिक अब समाधान की उम्मीद छोड़कर अपने नल कनेक्शन कटवाने पर मजबूर हो गए हैं। नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन देने पहुँच रहे लोगों का साफ़ कहना है कि जब पानी मिल ही नहीं रहा, तो वे भारी-भरकम बिल क्यों भरें? कनेक्शन काटने का शुल्क और आक्रोश इस पूरे मामले में सबसे विवादित पहलू वह शुल्क है जो कनेक्शन काटने के बदले लिया जा रहा है। नगर पंचायत ने नल कनेक्शन विच्छेद करने के लिए ₹2000 की राशि निर्धारित की है। विडंबना देखिए कि जनता इस आर्थिक दंड को स्वीकार कर रही है ताकि भविष्य के बिलों से छुटकारा मिल सके। खुद नगर पंचायत आगे बढ़कर लोगों के कनेक्शन काट रही है, जबकि प्राथमिकता व्यवस्था सुधारने की होनी चाहिए थी। क्षेत्र की जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं कि RO पानी सप्लाई को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि हर घर तक जल पहुँच सके। जब तक सप्लाई सामान्य न हो, तब तक बिल वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। ₹2000 लेकर कनेक्शन काटने की नीति की उच्च स्तरीय जांच हो कि आखिर जनता को इस तरह मजबूर क्यों किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस ‘खुले अन्याय’ को बंद नहीं किया गया और जलापूर्ति बहाल नहीं हुई, तो नगर की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। नगर पंचायत की इस कार्यशैली ने न केवल प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि “सेवा” के बदले “वसूली” की मंशा को भी उजागर कर दिया है। Post navigation ग्राम माथना में पेसा एक्ट के तहत माथना ग्राम पंचायत में गिट्टी खदान के विरोध में प्रस्ताव पारित चंद्रशेखर आज़ाद नगर में रात्रिकालीन प्लास्टिक बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होगा