रितेश गुप्ता, थांदला बारिश की खेँच ने किसानों के सर पर सलवटे ला दी है जिन्होंने बीते 15 दिन पूर्व हुई बारिश के पश्चात बोवनी कर दी थी। मानसून के प्रदेश में प्रवेश के समय हुई तेज बारिश के दौर में कई कृषकों ने अपने अपने खेतों में बोवनी कर दी थी, मगर बीते कई दिनों से बारिश ना होने से बोनी करने वाले इन किसानों की चिंता बढ़ चुकी है। थांदला अंचल में अब तक कुल 166.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जिसमें बीते 1 सप्ताह में मात्र 5. 8 मिलीमीटर वर्षा ही हुई है, और यह वर्षा भी रविवार अल सुबह हुई थी। अंचल में बीते वर्ष आज दिनांक तक 270 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी थी। जिस से तुलना करने पर बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष 100 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। कृषक एवं जैविक कृषि के सलाहकार मुकेश भूरिया ने बताया कि अगर कुछ ही दिनों में बारिश नहीं हुई तो किसानों को पुनः बोवनी की स्थिति बन जाएगी, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। अंचल के कृषक रासायनिक की बजाय जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं परंतु बारिश के खेत से जैविक कृषि भी प्रभावित होगी। Post navigation नेमावर में आदिवासी समाज के लोगों की जघन्य हत्या करने वाले दोषियों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन जयस ने राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मुलाकात कर आदिवासी समस्याओं को राज्यसभा एवं प्रदेश में प्राथमिकता के साथ उठाने का किया आव्हान