झाबुआ लाइव के लिए राणापुर से एमके गोयल की रिपोर्ट- भाई-बहन के प्यार का पवित्र त्योहार राखी गुरुवार को नगर में बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मानाया गया। शुभ मुर्हूत में बहनों ने अपने भाईयो की आरती उतारकर, कलाई रक्षासूत्र बांधकर मुंह मीठा कराकर रक्षा का वचन मंागा। भगवान से दीर्घआयु की कामना की। भाईयों द्वारा बहनों को उपहार दिया गया। नगर मे पोरवाल समाज, माहेश्वरी समाज, जैन समाज, राजपूत समाज, बाहमण समाज और अन्य सभी समाजों द्वारा से पर्व मनाया गया। देर रात चला रक्षाबंधन बाधने का त्योहार चला करा। भगवान को बांधे रक्षासूत्र- रक्षाबंधन के पर्व सर्वप्रथम देवी- देवताओं, मंदिरों में रक्षासूत्र बांधने की पंरपरा है। सुबह के समय मे नगर महादेव मंदिर, रणछोडराय मंदिर, जैन मंदिरो, हनुमान मंदिर सभी मंदिरों में भीड़ देखी गई, जहां प्रात: काल महिलाएं सज-धज कर विशेष परिधान धारण पूजा-पूर्जन कर भगवान को रक्षासूत्र बंाधा अपने परिवार की कुशलता की प्रर्थना की। कई लोगों द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों, कीमती सामान, वाहनों और अपने पूर्वजों की तस्वीरो पर रेशम ढोर बांधी। आधुनिकता छाई रही- भाई-बहन के इस पर्व को पारिवारिक रीति-रिवाजों के साथ मानाते है। लेकिन इस पर अब आधुनिकता हावी होते दिखाई देने लगी है। पूर्व में भाइयों द्वारा अपनी बहनो को वस्त्र या नकद देते थै।आधुनिकता के चलते इस दौर मे टेक्नोलीजी की चीचे उपहार मे दे रहै है। बच्चों मे रहा उत्साह रक्षाबंधन को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों मे देखने को मिला। राखी की दुकान पर बच्चे अपनी मा से मनपंसद राखाी के लिये जिद करते दिखे। गुरुवार को गारमेंट की दुकान के साथ-साथ भारी भीड़ देखने को मिली। रक्षाबंधन के चलते बसों भारी भीड़ देखी गई। खीर-पूड़ी बनी राखी के पर्व पर घरों में एक से बढ़कर एक पकवान घेवर, शकरपारे, को विशेष मिष्ठान कहा जाता है। कई घरों में हलवा, पूड़ी-खीर बनाई जो इस पर्व लोकप्रिय पकवान है। बाजार में दिनभर रही चहल- पहल राखी के त्यौहार होने के साथ साथ नगर, सुभाष मार्ग, एमजी रोड, जवाहर मार्ग में खासी भीड़ देखने को मिली राखी, नारियल, मिठाई, कपड़े, गिफ्ट की दुकानों पैट सुबह से ही भीड़ भाड़ रही। राखी पर महगाई भरी पड़ी रखियों पर पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत राखी भावों में बढ़ोतरी दिखी। Post navigation रोटरी क्लब-बह्माकुमारी संस्था ने जिला जेल में मनाया रक्षाबंधन पर्व सात साल पहले हुआ था कांगेस के राष्ट्रीय दफ्तर का शिलान्यास , अब वहा जंगली पोधे