जीवनलाल राठौड़, सारंगी ग्राम पंचायत भवन निर्माण का मामला दिनों दिन तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा हर जगह शिकायत करने के बाद भी मांग पूरी नही होने से निराश होकर ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए बाछीखेड़ा गांव के ग्रामीणों का आरोप है की हमारे द्वारा पुराने पंचायत भवन बिना अनुमति तोडऩे से लेकर नया भवन का निर्माण चालू होने तक कि लिखित शिकायत हर जगह की गई परन्तु अधिकारियों की मनमानी के चलते हर जगह सिर्फ आश्वासन मिला बाछीखेड़ा के ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि पुराना भवन अच्छी हालत में था जिसका जीर्णोद्वार दो वर्ष पूर्व किया गया था जिसे जनपद सीईओ ओर पंचायत के सरपंच सचिव की मनमानी के चलते रात्रि के अंधेरे में जेसीबी की सहायता से तोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जनपद पंचायत पेटलावद के अधिकारियों को की। इसके बाद पंचायत इंस्पेक्टर ने मौके पर आकर पंचनामा बनाकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी शिकायत जनपद के मुख्यकार्यपालन अधिकारी, एस डी एम पेटलावद हर्षल पंचोली और कलेक्टर की जनसुनवाई तक शिकायत की परन्तु हर जगह झूठा आश्वासन मिला। कलेक्टर जनसुनवाई में ग्रामीणों को मौके पर आकर मौका मुआयना कर उचित निर्णय लेकर निर्माण करवाने की बात कही गई भवन बिना अनुमति चालू होने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत करि जिसके बाद भी कोई सुनवाई नही हुई फिर ग्रामीणों द्वारा 4 सितंबर को बिना अनुमति हो रहे निर्माण रुकवाने ओर नवीन भवन बाछीखेड़ा में बनाने संबंधित आवेदन एसडीएम हर्षल पंचोली को दिया परन्तु वहां भी निर्माण रुकवाने का आश्वासन मिला, सभी जगह अपनी नही सुनता देख गांव के नानूराम डामर , रामा मेडा, अम्बाराम निनामा, भेरू मेडा, धन्ना मेडा आदि ग्रामीण बाछीखेड़ा में स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान के सामने अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। समाचार प्रकाशित होने तक कोई भी जिम्मेदार ग्रामीणों की सुध लेने नही आया। बाछीखेड़ा के ग्रामीणों में जनपद सीईओ ओर पंचायत के सरपंच सचिव को लेकर जमकर आक्रोश पनप रहा है सरकार के सुशासन के दावे की पोल अधिकारी खोलने में लगे है। Post navigation जिला पत्रकार संघ ने शिक्षक दिवस पर नगर की निजी-सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का किया सम्मान एसटी-एससी एक्ट के विरोध में नगर को मिला व्यापक समर्थन, बंद सफल