थांदला। विदित हो की हमारे देश के प्रधानमंत्री विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी 1 अप्रैल 2022 को देश के बच्चो को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित कर बच्चो के मन में परीक्षा को डर के रूप में न लेकर एक उत्सव के रूप में लेने संबंधी अनेकों महत्वपूर्ण टिप्स देंगे। इसी के संबंध में आज हमारे प्रतिनिधि ने नवोदय विद्यालय थांदला के शिक्षक संतोष कुमार चौरसिया से चर्चा की जिन्होंने अपने विचार व्यक्त किए और बताया कि पीएम मोदी जी जब से प्रधानमंत्री बने हैं तभी से वो देश के नौनिहालों के बारे में परीक्षा के समय उनके मन में होने वाले तनाव का ध्यान रखते हुए यह शानदार परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कर रहे हैं। निश्चित तौर से इस कार्यक्रम के कारण छात्रों में मन में परीक्षा का तनाव कम हुआ है। शिक्षक चौरसिया ने छात्र और छात्राओं को परीक्षा समय निम्न कार्य करके परीक्षा का तनाव कम सर सकते हैं- 1-पाजिटिव एटीट्यूड रखें। 2-कठिन परिश्रम छात्र करते ही हैं, साथ ही नींद बहुत कम न होने पाये, ध्यान रखें। कम से कम 6- 7 घंटे सोए। 3-एकाध टापिक/चैप्टर यदि आपको परीक्षा में बहुत उलझा रहें हो, तो उन पर बहुत समय देना अनावश्यक होगा, उसमें से कुछ चुनिंदा प्रश्न पढ सकते है। 4-वर्ष भर यदि आपने सामान्य ढंग से पढाई की है,तो पूरी तैयारी करें, केवल चुनिंदा टापिक के चक्कर में ना पड़े। हाँ, महत्वपूर्ण टापिक को अधिक महत्व दे सकते है। 5-जिस पेपर में गैप कम हो, उसकी तैयारी हेतु पूर्व में ही फोकस करें। 6-ज्यादा गैप वाले पेपर में ,प्रेसर कम होने से,कभी-कभी लापरवाही हो जाती है, इसका ध्यान रखें। 7-टाईम-मैनेजमेंट करें। सभी विषयों पर ध्यान केंद्रित करे। 8-परीक्षा केंद्र पर समय से पुर्व पहुँचे, जिससे ट्रैफिक या वाहन/साईकिल तेज चलाने को बाध्य न होना पड़े , ताकि अनावश्यक समस्या न उत्पन्न हो। 9-अध्यापकों एवं सामान्यतः अन्य दूसरे विद्यालय के छात्रों से संयमित व्यवहार करें, शीघ्र मित्रता या अनावश्यक विवाद से दूर रहें। 10-परीक्षा के लिये निकलते समय प्रवेश पत्र/पंजीकरण, आवश्यक लेखन सामग्री ले लें, तथा मोबाईल फोन इत्यादि व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कतई न ले जायें। 11-परीक्षा केन्द्र पर बाहर लगे ,बैठक व्यवस्था को देखकर, अपना संबंधित कक्ष देख लें। 12-कापी पर अनुक्रमांक सही लिखें। 13- शुरुआत ऐसे प्रश्नों को हल करने से करें, जिनको हल करने में आप कान्फिडेंट हों। 14-कठिन प्रतीत होने वाले प्रश्नों को बाद में , समय बचने पर ट्राई करें। 15-प्रत्येक प्रश्न के उत्तर लिखने के साथ,समय का ध्यान रखें, अन्त में सरसरी निगाह से रिवाइज करना ना भूलें। 16-सर्वप्रथम निर्धारित समय में प्रश्न को समझ कर पढें। (15 मिनट का समय इसके लिये आपको दिया गया है!) 17- एक्स्ट्रा बी कापी, यदि लिया है, उसे ठीक से बांधे। 18-कक्ष निरीक्षक के निर्देश का पालन करें, अनावश्यक बातचीत एवाइड करें। 19-लगातार पढाई करते समय, बैठने की मुद्रा बदलते रहें, ज्यादा झुक कर न पढें। 20-उत्तर लिखते समय, प्रश्न संख्या/खण्ड स्पष्ट लिखें। 21-विशेष बिंदुओं को हाईलाइट कर सकते हैं। 22-किसी की सलाह को मानक न मान कर, देख ले कि आप के लिये क्या सुविधाजनक है,परीक्षा में नये प्रयोग से बचें। 23-यदि परीक्षा का कुछ तनाव हो तो यह स्वाभाविक है,जो पाजिटिव एटिट्यूड रखने पर अच्छे परिणाम देगी। 24-अभिभावक भी अपने बच्चों की तुलना, पड़ोसी/सहपाठी से करके बच्चो के ऊपर दबाव न बनायें। 25-परीक्षा के अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये आपकी बुद्धिमत्ता का सर्टिफिकेट नहीं है, हाँ ये आपका विश्वास जरूर बढाते है। 26-अपने प्रति ईमानदार रहें। 27-सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध हों। 28- परीक्षा जीवन को गढ़ने का एक अवसर है, उसे उसी रूप में लेना चाहिए। हमें अपने आप को कसौटी पर कसने के मौके खोजते ही रहना चाहिए, ताकि हम और अच्छा कर सकें। हमें भागना नहीं चाहिए। 29- परीक्षाओं को जीवन-मृत्यु का प्रश्न न बनाएं इसे एक अवसर के रूप में लेवे। 30-अधिक से अधिक पूर्व में आए प्रश्नों को सॉल्व करे ताकि आपको परीक्षा में आने वाले प्रश्नों का ट्रेंड समझ आ सके जिससे आपका डर खत्म होगा। 31-परीक्षा की तैयारी करते समय चित्र, सूत्र, और छोटे छोटे पहलुओं को बार बार लिख कर अभ्यास करें इससे आपका आत्मविश्वास बढेगा। 32- नियमित रूप से योग और खेलकूद करते हुए परीक्षा की तैयारी करे। 33- कोई विषय संबंधित परेशानी हो तो अपने गुरुजन, मित्रों और पालकों से संवाद जरूर करे। 34- पालकगण अपने बच्चो के साथ समय व्यतीत करे और उनसे बात चीत करते रहे। 35-अपनी पर्सनल सारी टेंशन परीक्षा हॉल के बाहर छोड़कर जाना चाहिए जितना आपका मन अशांत रहेगा, चिंता में रहेगा, तो इस बात की संभावना बहुत ज्यादा होगी कि जैसे ही आप क्वेश्चन पेपर देखेंगे, कुछ देर के लिए सबकुछ भूल जाएंगे। इसका सबसे अच्छा उपाय यही है कि आपको अपनी सारी टेंशन परीक्षा हॉल के बाहर छोड़कर जाना चाहिए। परीक्षा को एक उत्सव और अवसर के रूप में लेकर सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करते हुए परीक्षा में भाग लेना चाहिए। Post navigation रतन सिंह डावर हमारे बीच नहीं रहे परीक्षा देने जा रहे भाई बहन का एक्सीडेंट