जितेंद्र वाणी, नानपुर

नानपुर थाना क्षेत्र में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद एक युवक की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एफएमएलसी के बाद जांच शुरू की। इसके बाद डॉ. बिट्‌टू विश्वास पर एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, नानपुर निवासी राम कुमार (29) नामक युवक दिनांक 25 मई 2025 को भंगार की दुकान पर काम करते समय अपने सीधे पैर में चोट लगने के बाद 27 मई को दोपहर 1:15 बजे नानपुर स्थित डॉक्टर बिट्टू विश्वास के क्लीनिक पर गया था। राम कुमार के अनुसार, डॉक्टर विश्वास ने उसके सीधे हाथ की कोहनी के पास एक इंजेक्शन लगाया और 50 रुपये लिए। इंजेक्शन लगवाने के बाद राम कुमार घर चला गया, लेकिन शाम तक उसके हाथ में इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन आने लगी। सूजन बढ़ने पर दो दिन बाद राम कुमार फिर डॉक्टर विश्वास के पास गया और अपनी समस्या बताई। शुरुआत में डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने से इनकार किया, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया। जब राम कुमार ने इलाज करने का आग्रह किया, तो डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया और कथित तौर पर कहा, “आपसे जो बने कर लेना, मेरे नाम से रिपोर्ट कर देना। इसके बाद राम कुमार ने यह बात अपने सहयोगी भारत वर्मा को बताई। भारत वर्मा भी डॉक्टर के पास गए, लेकिन डॉक्टर ने उनका इलाज करने से मना कर दिया। राम कुमार को 1 जून 2025 को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल अलीराजपुर ले जाया गया। वहां से उसे इंदौर रेफर किया गया। राम कुमार के छोटे भाई अभिषेक को भारत वर्मा ने घटना की जानकारी फोन पर दी। अभिषेक राम कुमार को 108 एंबुलेंस से इंदौर एम.वाय.एच. अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज किया गया। 10 जून को पुलिस ने डॉ. विश्वास पर धारा बीएनएस की धारा 125, 125 (ए) और 24 में प्रकरण दर्ज किया है।

आदिवासी विकास परिषद ने उठाया था मुद्दा

पुलिस ने मामले में केस दर्ज करने में समय लगाया तो आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष अंगर सिंह चौहान ने इस मामले को उठाया था। उन्होंने पुलिस थाने में जाकर जल्द केस दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने जांच में तेजी लाई और प्रकरण दर्ज किया। चौहान ने बताया अभी और भी ऐसे मामले हैं जिन पर केस दर्ज कराया जाएगा।

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