अर्पित चोपड़ा खवासा 

शनिवार को खवासा में धरती आबा, आदिवासी क्रांतिकारी जननायक भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती के अवसर पर बामनिया रोड स्थित उप तहसील कार्यालय के समीप प्रतिमा का ऐतिहासिक अनावरण किया गया। इसके पहले मंडी प्रांगण में सभा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सभा में उपस्थित वक्ताओं द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर, आदिवासी क्रांतिकारी जननायक टंट्या भील, बिरसा मुंडा, राणा पुंजा भील आदि महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर स्वागत संबोधन के साथ की गई।मध्यप्रदेश के आसपास जिलों सहित गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि से आए वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष पर अपना वक्तव्य देते हुए अंग्रेजों द्वारा कुटिल नीति अपनाकर आदिवासियों को जल-जंगल-जमीन से बेदखल करने से जिससे विचलित होकर बिरसा का “आदिवासी विद्रोह उलगुलान आंदोलन” “अबुआ दिशूम-अबुआ राज” व आदिवासी के पुनरुत्थान के लिए किए गए कार्यों और उनके द्वारा ब्रिटिश राज के दौरान किए गए आंदोलन, उनके नेतृत्व का बखान कर उनके बलिदान को याद किया। आदिवासी समाज की शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का संकल्प लिया।

समाज की नारी शक्तियों ने भी सभा को संबोधित किया। जिसमे सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में फैली कुरुतियों व समाज में शैक्षणिक गतिविधियों पर कार्य करने कि बात कही। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने नशे से समाज में होने वाले दुष्प्रभाव के कारण युवाओं को नशा मुक्त समाज बनाने की अपील की।

*अनावरण एवं समापन-*

सभा समापन के पश्चात पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल मांदल एवं बिरसा मुंडा अमर रहे, जय जोहार के नारों के साथ समाजजन रैली के रुप में प्रतिमा स्थल पहुंचे। प्रतिमा स्थल पहुंचने पर आदिवासी परंपरा पुजा पद्धति के अनुसार पुजा अर्चना कर समाज वरिष्ठों के हाथों से मूर्ति का अनावरण किया गया व माल्यार्पण अर्पित कर कार्यक्रम का समापन हुआ।

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