राहुल राठौड़, जामली श्रीकृष्ण जन्म के ग्यारहवें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को ‘डोल ग्यारस’ के रूप में मनाया जाता है। जलवा पूजन के बाद ही संस्कारों की शुरुआत होती है। जलवा पूजन को कुआं पूजन भी कहा जाता है। इस ग्यारस को परिवर्तिनी एकादशी, जयझूलनी एकादशी, वामन एकादशी आदि के नाम से भी जाना जाता है।’डोल ग्यारस’ के अवसर पर ग्राम जामली के राम कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की गई । भगवान कृष्ण की मूर्ति को ‘डोल’ में विराजमान कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर ग्रामीणों ने गजब का उत्साह व भक्ति दिखाई दी। चल समारोह में भक्तगण भजनों को पर धिरकते रहे। Post navigation आज़ाद जन्मतिथि विवाद हल करने दिया पत्र व आलेख इमाम हुसैन की याद में ताजिए निकाले गए