झाबुआ लाइव डेस्क डेढ़ करोड़ से अधिक का घोटाला करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। किसान ऋण माफी योजना में काॅपरेटीव बैंक के अधिकारियों द्वारा फर्जी किसानों के नाम पर लोन बताकर एक बडा घोटाला किया गया था। इस मामले मे जिले की थांदला थाना पुलिस ने जांच के बाद मंगलवार को प्रबंधक और पर्यवेक्षक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके पूर्व एक सहायक प्रबंधक कि गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जो अभी जेल मे हैं, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) एमएस गवली ने बताया कि 2019 मे जय किसाऩ ऋण माफी योजना आई थी। इस योजना में जो भी पात्र किसान है उनका ऋण माफ होना था। लेकिन जो पात्र किसान है उनके नाम ओर जिनको लोन नहीं दिया ऐसे फर्जी नाम केश बुक मे इन्ट्री करके लोन देना बताया गया था। इनकी राशि माफ करने का प्रस्ताव शासन को भेजा। शासन से स्वीकृत होकर आया और फर्जी किसानों के नाम उजागर हो गए। किसानों के नाम पर लगभग डेढ करोड का घोटाला बताया जा रहा है। एसडीओपी एमएस गवली ने बताया कि मामले मे लगभग चार महिने पहले थांदला थाने पर एक प्रकरण पंजीबद्व हुआ था। उसी के आधार पर पहली गिरफ्तारी काॅपरेटीव सोसायटी के सहायक प्रबंधक पवन दीक्षित की हुई थी। थाना थांदला मे अपराध क्र 543/2021 धारा 419, 420, 409, 467, 468, 471 इजाफा धारा 120 बी आईपीसी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 एवं संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13 मे मंगलवार को शाखा प्रबंधक पारसिंह पिता धीरज मुनिया उम्र 50 निवसी ऋतुराज कालोनी थांदला, पर्यवेक्षक गुलाबसिंह पिता वरसिंह निनामा 49 निवासी सहारा कालोनी मेघनगर ओर कमलसिंह पिता बुचा भूरिया 47 निवासी मोजीपाडा को गिरफतार किया गया है। इस मामले मे जांच हुई ओर इस कार्य के लिए इन तीनों को उत्तरदायी ओर जिम्मेदार ठहराया गया। उसी के आधार पर इनको आरोपी बनाया गया है। मामले मे जांच चल भी रही है। इससे जुडे जो भी दो दोषी होंगे उनकी भी गिरफ्तार होगी। तीनों आरोपियों को न्यायालय मे पेश किया गया था जहां से इन्हे जेल भेज दिया है। Post navigation भारतीय जनता पार्टी मंडल थांदला ने मनाया स्थापना दिवस अब राशन लेने ग्रामीणों को पांच किमी दूर नहीं जाना पड़ेगा