रितेश गुप्ता, थांदला आज नगर के अतिव्यस्त चौराहे पर दो पक्षों के विवाद में पडऩा एक आरक्षक को भारी पड़ गया। घटना का वीडियो वायरल होते ही आरक्षक को जांच होने तक निलंबित कर दिया गया। झाबुआ लाइव को घटना की जानकारी देते हुए आरक्षक देवदास सोलंकी ने बताया कि नगर के बस स्टैंड तिराहे एवं सुतरेटी चौराहे के मध्य एक टेम्पो चालक एवं फल विक्रेता दिलीप मकना भूरिया के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था तभी वहा से गुजर रहे था व विवाद को देख उसे खत्म करने के उद्देश्य से बीच बचाव किया। इसी दौरान नशे में धुत दिलीप ने बीच बचाव करने आने पर मेरे हाथ पर काट लिया। तब मैंने उसे झटके से छोड़ा तो दिलीप नीचे गिर गया जिसे देखकर उपस्थित लोगों को लगा की मैंने उसे मारा है परन्तु दिलीप नशे में धुत था और मेरे छोड़ते ही गश खाकर गिर गया। वही घटना मे घायल दिलीप ने बताया कि यह जो वर्दी वाले मेरे पास आये व हफ्ते के रुप में 50 रुपए की मांग की परन्तु जब मेरे द्वारा इनकार करने पर मेरी पिटाई कर दी, जिसमें मेरे कान व आंतरिक अंगों में चोट आई है। साथ ही उपस्थित जनों का भी यही कहना है कि पुलिस आरक्षक ने फल वाले की पिटाई कर दी। हालांकि सोश्यल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ उसमें फल वाले की पिटाई करते हुए कोई वीडियो नहीं मिला बल्कि घटना के बाद लोगो ने आरक्षक को घेर कर उसके नशे में धुत होने के आरोप लगाए और पुलिस आरक्षक कहता रहा कि मैं नशे में धुत हूं, तो मेडिकल करवा लो। वीडियो के वायरल होते ही जिला पुलिस में खलबली मच गई और एसपी महेशचंद जैन ने तत्काल प्रभाव से आरक्षक को मामले की जांच होने तक निलंबित कर दिया। थाना थांदला द्वारा जांच के दौरान यह भी पाया कि दिलीप की एमएलसी में एल्कोहल होना पाया गया है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के उपरान्त ही सामने आ सकेगा कि आरक्षक ने युवक की पिटाई की या युवक ने बचाव में आये आरक्षक को ही घेर लिया। Post navigation बेटी के प्रेम विवाह से नाराज मायकों वालों ने दामाद को खंभे से बांधा, बेटी को अद्र्धनग्न कर काटे बाल, दोनों को पिलाई गई पेशाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रस्तावित झाबुआ दोरा निरस्त ; अब इस जिले मे आदिवासी कल्याण दिवस बनायेंगे।