चंद्रशेखर आजाद नगर जो गुरूदेव से करते प्यार, वे उनके मिशन से करे प्यार अर्थात् गायत्री परिवार के संस्थापक गुरूदेव आचार्य श्रीराम शर्मा जी के द्वारा बनाये सप्त आंदोलन के तहत् मुख्यतः व्यक्ति, परिवार समाज व राष्ट्र निर्माण में जो तन,मन, धन से समर्पित होकर जो गुरूदेव के कार्य व उद्देश्य को पूरा करते हैं गुरूदेव उसे स्नेह रखते हैं। जो उनसे सच्चे मन से जुड़ता हैं उसकी सारी विपत्ति व कठिनाईयां दूर हो जाती व सारे कार्य स्वयं सिद्ध हो जाते हैं। यह बात नवचेतना विस्तार केंद्र, चंद्रशेखर आजाद नगर में गायत्री परिजनों की आयोजित मासिक गोष्ठी में अतिथि बतौर अलीराजपुर से आएं जिला समन्वयक संतोष वर्मा ने उपस्थित गायत्री परिजनों से कहीं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार मिशन न केवल देश में अपितु विदेशों में भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता हैं।प्रत्येक कार्यकर्ता को चाहिए कि वह इस मिशन को पूरा करने के लिए समय दान दे| कोरोना काल के दौरान जो त्रासदी ऑक्सीजन को लेकर हमने देखी हैं उसे प्राकृतिक रूप से पूरा करने के लिए हमें 8 अगस्त, हरियाली अमावस्या के दिन जगह जगह पौधारोपण कर भविष्य को सुरक्षित बनाना होगा| उन्होंने बताया अभी हमने ऑक्सीजन की त्रासदी झेली अगर हमने वर्तमान में पौधारोपण नहीं किया तो आने वाले समय में हमें पानी की त्रासदी को भी भोगना होगा। अशुद्ध पानी से उपजी बीमारी से बचने के लिए घरों में शुद्ध पानी अथवा गरम पानी के उपयोग को बढ़ावा देना होगा। अन्यथा पानी से जनित रोगों का सामना भी करना होगा। 2026 में गुरू माता का जन्मशती वर्ष मनाने के लिए गायत्री परिवार द्वारा “हर-हर गंगे, घर-घर गंगे” अभियान से लेकर चलाए जा रहे हैं अनेक अभियान संचालित हैं जिसके तहत गांव-गांव नये सदस्यों को जोड़ना व गायत्री यज्ञ, प्रज्ञा मंडलों की स्थापना पौधारोपण जैसे शांतिकुंज, हरिद्वार द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों को भी संपन्न कराने का कार्य सभी परिजनों को करना होगा। किसी मिशन की सफलता सभी कार्यकर्ताओं व परिजनों के एकजुट व संगठित रहने पर ही तय की जा सकती हैं | आज पारदर्शिता व प्रमाणिकता के कारण पूरे विश्व में गायत्री परिजनों की अपनी एक अलग पहचान हैं| सभी के सहयोग,समन्वय से ही आज गायत्री परिवार का अपनी वृहदता विशालता लिये हुवे हैं। बैठक में आगामी मंदिर निर्माण व नवचेतना विस्तार केंद्र अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना तैयार की गई। इस अवसर पर परिवाजक रामनरेश मिश्रा गायत्री परिजन बाबूलाल वाणी,प्रकाशनारायण नागर,मनोहरलाल गौड़,भोलासिंह परिहार, आनंद शाह, गणपतभाई, बाबूराम आर्य,भावेश शाह,धर्मेन्द्र वाणी, हेमेन्द्र गुप्ता ने भी अपनी बात रखी| बैठक का संचालन भावेश शाह ने किया। आभार पंडित रामनरेश मिश्रा ने माना। Post navigation विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को, जयस ने तैयारियों को लेकर की बैठक आयोजित, 34 गांव के युवा होगे वाहन रैली मे शामिल 1 वर्ष तक की थी मजदूरी, आज रामबाई आरक्षक से पदौन्नति के बाद बनी प्रधान आरक्षक