विजय मालवी, बड़ी खट्टाली इन दिनों व्यस्तता भरे माहौल में ऐसे कम ही लोग होते है जो किसी अनजान के लिए रक्तदान करने को तैयार हो। लेकिन कहते है जब हम सही है तो ऊपर वाला हमारे लिए देवदूत बनकर कुछ न कुछ चमत्कार जरूर करता है। कुछ ऐसा ही संदेश खट्टाली के युवा द्वारा इंदौर में दिया गया। आम तौर पर अपने जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ पर तो कई लोग रक्त बैंक में जाकर रक्तदान करते है। पर कुछ ऐसे भी लोग है जो इन अवसरों पर संकल्प लेकर विशेष आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करने ब्लड बैंक पहुंचते है। ओर कुछ युवा जरूरतमन्दो को आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करते है। कुछ ऐसा ही जज्बा ओर प्रेरणा बड़ी खट्टाली के युवाओ को जागरूक युवा मंच रक्त समूह द्वारा दी गई हैं। उन्हें जब भगत सिंह रक्त समूह के नितिन जाट हाटपिपल्या द्वारा खट्टाली के युवा विशाल चौहान से संपर्क कर रक्त की अर्जेंट आवश्यकता है बताया गया जिस पर तुरंत खट्टाली के सचिन चौहान एवं विकाश भिंडे ने इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में पहुँच कर सुनीता मचार जो कि पेट मे छाले व खून की उल्टी होने के कारण शरीर मे काफी मात्रा में रक्त की कमी हो चुकी जिससे कि उनकी हालत बहुत गम्भीर हो चुकी थी जिससे उन्हें 5 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी जो कि इन युवा व भगतसिंह रक्त समूह हाटपिपल्या द्वारा ब्लड उपलब्ध किया गया। ओर अन्य साथियो व युवाओ को सन्देश दिया कि रक्तदान कर अपने लहू को एक साथ दो जिस्मो में बहने का मौका दे। भगतसिंह रक्त समूह के दीपक सेंधव (पटेल) ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ वे हर समय तत्पर रहकर जरूरतमन्दों को ब्लड उपलब्ध करवाते है तथा 24 घंटे में उन्होंने 10 यूनिट ब्लड की जरूरतमन्दों को उपलब्ध करवाई है तथा भगतसिंह रक्त समूह हाटपिपल्या देवास की आज 100 यूनिट पूरी हो चुकी है। Post navigation भाजपा का तीन दिवसीय महाजनसंपर्क अभियान शुरू क्राइम ब्रांच की टीम ने सट्टा लिखते आरोपियों को पकड़ा, जब्त किए हजारों रुपए