रितेश गुप्ता@थांदला यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच खारकिव में फंसी हुई थांदला निवासी अनिल धानक की पुत्री रिचा धानक खारकिव से निकलने में कामयाब हो गई है। परिजनों की कुछ देर पहले हुई बातचीत के दौरान रिचा ने बताया कि वह खारकिव से रेलवे स्टेशन पहुंचकर, यूक्रेन के ही शहर लिवि की ओर जा रहे हैं, जहां से वह हंगरी की ओर रवाना होगी। इससे पहले जब वह खारकिव से स्टेशन की ओर रवाना हो रही थी तब उसे 12 से 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। जिसमें उसके साथ अन्य 25 भारतीय और भी थे, जहां से रवाना होने के दौरान उनके सामने ही मिसाइल अटैक का दृश्य भी दिखा। जहां से बचकर में रेलवे स्टेशन पहुंचे। फिलहाल वह रेलवे के माध्यम से यूक्रेन के ही शहर लिवि की ओर जा रही है, जहां से उसे हंगरी के लिएबस मिलेगी। फिलहाल रिचा युद्ध एवं खतरनाक क्षेत्र से बाहर आ चुकी है। परंतु लीवी शहर पहुंचने के लिए उसे यूक्रेन की राजधानी कीव से होकर गुजरना है। जहां रूस द्वारा अपना कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनो का मानना है की इसी दौरान थांदला क्षेत्र की थाना प्रभारी कौशल्या चौहान भी रिचा के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे व उन्हें आश्वस्त किया कि भारत सरकार के प्रयासों से आपकी पुत्री शीघ्र भारत पहुंचेगी व आपकी नजरों के सामने होगी। टीआई कौशल्य चौहान के साथ, हेड कांस्टेबल महेंद्र नायक भी रिचा के घर उपस्थित रहे। Post navigation यूक्रेन और रूस के बीच तबाही भरे युद्ध के बीच फंसी है थांदला की रिचा धानक शिवगढ़ में भव्य पारंपरिक मेला लगा, मंदिरों में लगी कतार