हरीश राठौड़, पेटलावद ग्राम करड़ावद बाद में पिछले 2 सालों से सोयाबीन की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है पिछले बार सोयाबीन की फसल में किसी प्रकार के कीट के कारण सोयाबीन के दाने बिल्कुल भी नहीं भरा है इस बार स्थिति यह है कि पूरा का पूरा सोयाबीन बिना फूल व फलियों से खड़ा हुआ हैं। करडावद गांव के आसपास करीबन 3से 4 गांव गांव ऐसे हैं जहां पर 70 फीसदी किसानों की सोयाबीन की फसल ऐसे ही बिना फूल-फलियों से खड़ी हुई है पिछले कुछ दिनों पहले बारिश न होने के कारण और फसलों में इल्लियों व मच्छरों के कारण इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है किसानों ने अपने खेत में महंगे बीज खाद दवाइयां का छिडक़ाव किया और जब उत्पादन का समय आया तो इस प्रकार का परिणाम सामने आ रहा है किसान अपनी फसल को देखकर आंसू बहा रहा है गांव के किसान राजेंद्र आंजना व गोपाल आंजना बताते हैं कि उनकी लगभग 20-20 बीघा जमीन में सोयाबीन की फसल ऐसे ही खड़ी हुई है सोयाबीन की फसल में कुछ भी नहीं है गांव के किसान मांग करते हैं कि शासन द्वारा पटवारियों के माध्यम से इसका निरीक्षण करवाया जाए वह जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई हैं उन किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। Post navigation अचानक नदी में बाढ़ आने से महिला बही, हुई मौत रात को अचानक चली गोली मारुति सुजूकी शोरूम में सुराग कर अंदर घुसी, नागरिकों में संशय बरकरार