विजय मालवी, बड़ी खट्टाली जिला शिक्षा केन्द्र के निर्देशानुसार प्राथमिक से मिडिल स्तर के बच्चों की तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए ओलंपियाड की परीक्षा जिले में मंगलवार को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों को भोजन भी कराया जाना था, लेकिन किसी को भी नहीं कराया गया। इतना ही नहीं परीक्षा में बच्चों को लाने ले जाने और भोजन करवाने की व्यवस्था शासन स्तर से की जाने के निर्देश थे। जोबट ब्लॉक में कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा में भाग लेने वाले बच्चों को भोजन उपलब्ध नहीं हुआ। यह बात बीआरसी भी स्वीकार रहे हैं। उधर, परीक्षा के प्रबंधक में कई गड़बड़ियां देखने को मिली परीक्षाओं के आयोजन को देखने के लिए किसी भी शिक्षा विभाग के अधिकारी ने भ्रमण नहीं किया। ओलंपियाड जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन के सही प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी बीआरसी की थी। मामले में जब जोबट बीआरसी प्रवीण प्रजापत से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा प्रति विद्यार्थी 30 रुपये मिलते हैं, इतने कम पैसे में हर विद्यार्थी को भोजन उपलब्धि नहीं कराया जा सकता। दूसरी ओर जोबट ब्लॉक की बात करें तो यहां करीब 3600 विद्यार्थी दर्ज है। इनमें से प्रत्येक संकुल केंद्र पर 400 से 500 बच्चों ने ओलंपियाड परीक्षा दी थी। Post navigation भाजपा मंडल ने सुशासन के रूप में मनाया अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषदक का उपाध्यक्ष बनने पर महेश पटेल का स्वागत किया, क्षेत्र में जमकर आतिशबाजी हुई