थांदला। थांदला की धरती के सपूत, महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी और युगद्रष्टा जैन संत आचार्य 1008 श्री जवाहरलाल जी महाराज साहब के 150वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में, भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। सरकार ने उनकी स्मृति में एक विशेष डाक टिकट और ₹150 मूल्य का स्मारक सिक्का जारी करने की अधिसूचना 1 सितंबर 2025 को प्रकाशित कर दी है। यह क्षण न केवल थांदला बल्कि पूरे झाबुआ जिले के लिए गौरव का विषय है।

 

इस ऐतिहासिक कार्य के लिए जसकरण बोथरा फाउंडेशन, मुंबई के सिद्धार्थ बोथरा पिछले दो दशकों से लगातार प्रयास कर रहे थे। स्मारक सिक्के के विमोचन समारोह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका

आचार्य श्री जवाहरलाल जी महाराज का जन्म 1875 में थांदला में हुआ था। उन्होंने छोटी उम्र में ही गुजरात के लिमडी में जैन दीक्षा ग्रहण की। साधु मर्यादा का पालन करते हुए भी उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में अहिंसक रूप से सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने खादी और स्वदेशी के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। इसके अलावा, उन्होंने समाज से बुराइयों को दूर करने, जातिवाद उन्मूलन, नशा मुक्ति और पशु हिंसा से विरति जैसे मुद्दों पर जीवनभर प्रवचन दिए।

गांधी जी और अन्य राष्ट्रीय नेताओं पर प्रभाव

उनके व्यक्तित्व और विचारों से महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, लोकमान्य तिलक, विनोबा भावे और मनुभाई मेहता जैसे कई राष्ट्रीय नेता प्रभावित थे। राजकोट में एक सभा के दौरान, लगभग 20,000 लोगों की उपस्थिति में महात्मा गांधी जी ने स्वयं उनके दर्शन कर मार्गदर्शन प्राप्त किया और स्वतंत्रता संग्राम के लिए उनके आदर्शों से प्रेरणा ली थी। राजकोट, मोरबी, रतलाम और बीकानेर के नरेश भी उनके विचारों से प्रभावित थे।

भारत सरकार द्वारा ऐसे महापुरुष को सम्मानित किया जाना पूरे नगर और जिले के लिए सम्मान की बात है। थांदला के निवासियों ने इस सम्मान के लिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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