झाबुआ। जयस जिलाध्यक्ष विजय डामोर ने मांग की है कि झाबुआ जिले में सरकारी हॉस्टलों में हॉस्टल अधीक्षक एक जगह पर पदस्थ 8 से 10 साल से है उनका स्थानांतरण होना चाहिए। गवर्नमेंट रूल्स के हिसाब से 3 साल में ट्रांसफर होना चाहिए लेकिन झाबुआ जिले बरसों से एक ही जगह पर हॉस्टल अधीक्षक नौकरी कर रहे है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ट्राइबल विभाग शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा झाबुआ जिले में छात्राओं की हॉस्टलों में हॉस्टल अधीक्षक रात नही रुकते हैं गवर्मेंट रूल्स में होस्टल अधीक्षक को हॉस्टल में रात रुकना चाहिए लेकिन हॉस्टल अधीक्षक शाम को अपने अपने घर चले जाते है छात्राओं की हॉस्टल में कोई घटना घट जाय तो कौन जिम्मेदार अक्षर देखने में आता है होस्टल अधीक्षक हॉस्टलों में नहीं मिलते हैं राम भरोसे चल रहे है। सरकारी हॉस्टल प्रशासन से मांग करते हैं जल्द ही 3 साल से अधिक जिस अधीक्षक का टाइम हो गया उनका ट्रांसफर किया जाय और हॉस्टल अधीक्षक को हॉस्टल में रात रुकवाया जाय कोई भी घटना से बचा जा सकता है। सभी हॉस्टलों का निरीक्षण किया जाना चाहिए कौन रात में रुकता या नहीं और हॉस्टलों में डाइट मीनू के हिसाब से मिलता है या प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे। निरीक्षण होना चाहिए झाबुआ जिले में सरकारी स्कूलों की मरमत के लिए सरकार लाखों रुपए दे रही लेकिन सरकारी स्कूलों की बिल्डिंगे जर्जर हो रही पुरानी हो गई किसी किसी बिल्डिंग की छत से पानी टपक रहा किसी स्कूल की छत गिरने की कगार पर है शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा जब बिल्डिंग गिर जाएगी तब नींद खुलेगी शिक्षा विभाग की ओर जनप्रतिनिधी चुप क्यों? सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भी कमी हे एक दो शिक्षक है उनको जमाने भर की जानकारी देना पड़ता है तो वो शिक्षक जानकारी बनाने में दिन भर कर देता बच्चों को पढ़ा भी नहीं पाते शिक्षक रोज यही हाल होता है सरकारी स्कूलों का सरकार से मांग करते हैं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या भी बढ़ाई जाय और सरकारी स्कूलों का परसेंटेज बढ़ाया जाय यही मांग करते हैं प्रशासन से झाबुआ जिले में सरकारी स्कूलों का मरमत जल्द से जल्द की जाए। Post navigation राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में- झाबुआ वस्तु भंडार का हुआ उद्घाटन आबकारी विभाग ने ग्राम धन्ना डूंगरा में घर से 60 हजार रुपए से अधिक की अवैध शराब जब्त