सलमान शेख@ झाबुआ Live पेटलावद। हर साल श्रावण मास में लाखों-करोड़ों की तादाद में कावड़िए गंगा जल से भरी कावड़ लेकर पदयात्रा करके भगवान शिव का जगह-जगह जलाभिषेक करते है और अपने गांव वापस लौटे हैं। इस यात्रा को कावड़ यात्रा बोला जाता है। जवानों की कुर्बानी को याद करते हुए कावड़ देश के वीरों के नाम: कावड़ यात्रा अब अंतिम चरण में लेकिन इससे पहले एक अनोखी खबर देखने को मिली जिसने देशभक्ति के जज्बे सेना की कुर्बानी को याद करते हुए एक कावड़ देश के वीरों के नाम की। जी हां आपको बता दे कि एमपी के झाबुआ जिले के पेटलावद के ग्राम बावड़ी के युवा शिवभक्त आज पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों के नाम उज्जैन महाकालेश्वर जलाभिषेक के लिए आज कावड लेकर रवाना हुए। यह कावड़ छोटी जरूर है लेकिन इनके श्रद्धांजलि देने के इस अनोखे तरीके ने सब को अपनी ओर आकर्षित किया है। कावड़ियों की यह यात्रा यादगार रहेगी जो कि पूरे अंचल में एक छोड़ जाएगी, क्योंकि किसानों की खुशहाली के लिए भी यह कावड़ यात्रा निकाली गई है। कावड़ यात्रा 11 तारीख को महाकालेश्वर में जलाभिषेक करेगी। इस यात्रा में 40 कावड़िये शामिल है। ग्रामवासियों ने दी विदाई- कावड़ यात्रा को ग्रामवासीयो ने विदाई दी। यात्रा में ढोल-ढमाको और धर्म ध्वजा लहराते हुए कावड़िये नाचते-गाते हुए निकले। जहां-जहां से ये भक्त गुजरे वहां पर बम-बम भोले की गूंज सुनाई दी। Post navigation मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर विश्व आदिवासी दिवस: कल पेटलावद में दिखेगी आदिवासी संस्कृति की झलक …तैयारियां पूर्ण