चंद्रभानसिंह भदौरिया, एडिटर इन चीफ विगत बुधवार शाम को इंदौर के अजाक थाने में रवि बघेल के आवेदन पर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के उन जिम्मेदार अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिन पर आरोप था कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा के निर्णय क्षमता के प्रश्न पत्र में भील जनजाति के अपमान करने वाले गद्यांशों व सवाल डाले हैं। लेकिन पुलिस जांच के पहले ही मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने इंदौर हाईकोर्ट में सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक याचिका लगाई जिसमें अपने खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग हाईकोर्ट से की गई है। इस मामले में आज इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है, और जो कुछ भी फैसला आएगा कि एमपी-पीएससी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हुई एफआईआर रद्द होगी या बनी रहेगी इसकी भी खबर झाबुआ लाइव अपने पाठकों को देगा। दिलचस्प बात यह है कि एफआईआर पीएससी के अज्ञात जिम्मेदारों के खिलाफ की गई थी, जिनके नाम दर्ज नहीं थे और अजाक पुलिस को जांच में उन नामों का पता लगाना था। लेकिन उसके पहले ही पीएससी ने एफआईआर को गैर जरूरी बताते हुए उसे रद्द करने की हाईकोर्ट से गुहार लगा दी। ) Post navigation 21 साल बाद विधानसभा में गरजे विधायक कांतिलाल भूरिया, निशानी पर थी एमपी-पीएससी दो बाइक पर आए लुटेरों ने अनाज व्यापारी की आंखों में मिर्ची डाल 50 हजार रुपए का बैग लेकर हुए चंपत