झाबुआ लाइव के लिए थान्दला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट- स्वच्छंद मन शुभ भावों को पकड़ता रहता है और उन्हें विकारों के रूप में आकार प्रदान करता है मन में वे विचार घुलते रहते है, जब वे प्रवृति में बाहर प्रकट होते है उससें आचार अशुद्ध बनता है। अशुद्ध आचार भी विचारों को दूषित करने में सहयोगी है अत: मन की स्वच्छंदता को रोकना जरुरी है मन को अपने नियंत्रण में रखना साधना है मन के नियंत्रण में अपने आप को रखना स्वच्छंदता है। पख्खी पर्व के दौरान पौषध भवन पर व्याख्यानमाला में उक्त विचार धर्मदास जैन स्वाध्यायि संघ के स्वाध्यायि भरत भंसाली ने व्यक्त किये। इस अवसर पर स्वाध्ययि राजेन्द्र रुनवाल ने बताया कि भावपूर्वक प्रदान किया गया सामन्य आहार भी भगवान महावीर ने ग्रहण करके चन्दन बाला पर उपकार किया था अत: भावना बलशाली है। पक्खी पर्व पर पक्खी श्रावक आराधना मंडल के 33 श्रावकों ने उपवास तप की आरधना की सभी तपस्वियों के पारणे का लाभ चन्द्रकांता बाबूलाल रुनवाल परिवार ने लिया। अवसर पर जैन पाठशाला मे धार्मिक अध्ययन करने वाले सभी विद्यार्थियों का आतिथ्य सत्कार भी किया गया।
Trending
- पूर्व उपसरपंच एवं समाज सेवी हुसेनी कुतुबुद्दीन भाई का इंतकाल
- 23 मार्च को होगी आम्बुआ ग्राम पंचायत की हाट बैठक तथा मवेशी बाजार ठेके की नीलामी
- शोर और नशे से मुक्त होगा आमला गांव: फिजूलखर्ची रोकने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर उठाए सख्त कदम
- कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न, फॉर्मर रजिस्ट्री में प्रगति बढ़ाना सुनिश्चित करने को कहा
- शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालयों में प्रवेश पर सम्मान समारोह का किया गया आयोजन
- भव्य प्रभात फैरी महा आरती के साथ होगा नवसंवत्सर का स्वागत
- जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने विधानसभा में उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा
- ट्रेक्टर ट्राली में लगे पाइप हैबीलाइन के तारों के संपर्क में आने से उसमें भरी गेंहू फसल जली
- ओवेश मेटल एंड मिनिरल प्रोसेसिंग और एसएमओ में व्यापारियों के फंसे लाखों रुपए, कई महीनों से भुगतान नहीं, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन सम्पन्न 154 वर वधु परिणय सूत्र में बंधे