विधायक के निर्देश के बाद जागे एसडीओपी, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने उतरे सड़क पर

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रितेश गुप्ता, थांदला
थांदला। शहर की ट्रेफिक व्यवस्था का भगवान मालिक है। गाडिय़ों के जाम से नागरिक सहित वाहन चालक रोज परेशान होते हैं। पुलिस की यातायात व्यवस्था सिर्फ दिखावा बनकर रह गई थी। इस वजह से शहर का हर नागरिक रोज पीडि़त होते हैं। पुलिस ने शहर में इंट्री करने वाले प्रमुख चौराहों पर भारी वाहन प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली थी। ट्रेफिक की हालत पर तरस खाकर थांदला के न्यायिक मजिस्ट्रेट जय पाटीदार ने मोबाईल कोर्ट लगाकर पहल की थी। इसके बाद भी पुलिस के ढुल-मूल रवैये के चलते हालात जस के तस बने हुए थे।
इसी समस्या को लेकर रविवार को नगरीय पत्रकार समिति के सदस्यों ने विधायक वीरसिंह भूरिया को अवगत कराया था। जिस पर भूरिया ने तुरंत एसडीओपी एमएस गवली को सख्त निर्देश देते हुए थांदला की ट्रेफिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए कहा। जिसका असर सोमवार को देखने को भी मिला। एसडीओपी गवली खुद सड़कों पर उतरे और वाहनों चालकों को सख्त हिदायत देते नजर आए। साथ ही सड़क पर अनाज और कपास भरने वाली गाडिय़ों को तत्काल हटाने के लिए भी कहा। कुछ गाडिय़ों को थाने पर खड़ा करवाकर व्यापारियों को समझाइश भी दी। उन्होंने कहा कि शहर में भारी वाहन प्रवेश निषेध है। इसलिए सभी मिलकर सहयोग करें।
अब देखने वाली बात होगी कि ट्रेफिक को लेकर एसडीओपी का यह सख्त रवैया कितने दिनों रहेगा। या फिर वही हालात होंगे। या सिर्फ यह कार्रवाई विधायक को संतुष्ट करने के लिए की गई है। जनचर्चा यह भी है कि एसडीओपी गवली मैदान में कम मोबाईल पर ज्यादा सक्रिय दिखाई देते हैं। जिसके चलते पुलिस व्यवस्था चरमाराई हुई है। साथ यातायात में पदस्थ अमला भी यातायात व्यवस्था दुरस्त करने के बजाय नगर अंतिम छोरों पर बैठा दिखाई देता है। वहां पर वह कौन सी व्यवस्था सुधार रहे हैंए यह तो भगवान ही जाने। खासकर नगर के मुख्य चौराहें पुरानी नगर परिषद् से सुतरेटी चौराहा, बस स्टैंडए सब्जी मंडी, पीपली चौराहा, कुम्हारवाड़ा, तेजाजी मंदिर कॉम्प्लेक्स के आसपास भारी जाम रोज लगता है।