आचार संहिता लागू होने से फिर अटकेंगे काम

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सलमान शैख़@झाबुआ Live..
लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही शहर की कई योजनाओं पर आदर्श आचार संहिता की तलवार लटक गई। लोगों के काम एक बार फिर अटक जाएंगे। लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। इसका मतलब यह है कि ऐसे कई काम जो विधानसभा चुनाव के बाद नहीं हो पाए हैं, अब फिर रह जाएंगे। इनके लिए अब लोगों को लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने तक इंतजार करना होगा। बता दे कि विधानसभा चुनाव के समय सरकारी दफ्तरों में अटके काम कराने के लिए लोगों को लंबी प्रतीक्षा करना पड़ी थी। आदर्श आचार संहिता के अलावा सरकारी अमले के निर्वाचन संबंधी काम में लग जाने के कारण भी कामकाज ठप्प हो गए थे। हालत यह रही कि मामूली कामों के लिए भी लोग परेशान हो रहे थे। अब फिर यही स्थिति बन जाएगी।
क्यों है विशेष-
निर्वाचन के समय आदर्श आचार संहिता लागू होना स्थायी प्रक्रिया है, लेकिन इस बार इस अंचल में विशेष स्थिति बनी हुई है, क्योकि रबी की फसल कट चुकी है, ऐसे में जो किसान पंजीयन से वंचित रह गए है, वे सोसायटीयो में अपनी उपज नही बेच सकेंगे। जिसके कारण उन्हें नुकसानी उठानी पड़ सकती है। आचार संहिता में कोई भी नया विकास कार्य न तो शुरू हो सकता, न नए काम की योजना बन पाती है। जनता से जुड़े रोजमर्रा के काम भी नहीं हो पाते हैं।
करना होगा इंतजार-
एसडीएम कार्यालय के बाहर खड़े बापूसिंह ने बताया कि वे कई दिनों से एनओसी के लिए आ रहे हैं। हर दिन सैकड़ों किसान यहां रहते हैं। इस वजह से किसी अधिकारी-कर्मचारी को फुर्सत ही नहीं रहती। कुछ लोग राशनकार्ड के लिए परेशान है। अब उन्हे भी आगामी लोकसभा चुनाव हो जाने का इंतजार करना होगा।
नहीं है कोई उपाय-
तहसील कार्यालय में कई दिनों से चक्कर लगा रहे ग्रामीणों ने निराशा के साथ कहा कि अब अटके काम होने का कोई उपाय नहीं है। मामूली काम के लिए भी परेशान होने के अलावा अब कोई उपाय नहीं है।

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