शेरे आर्य भूमि पंडित कमल किशोरजी नागर ने श्रद्धालुओं को दी सीख, मां-बाप की सेवा कर पुण्य कमाए

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राहुल राठौड़, जामली
श्रीमद् भागवत कथा गांव जामली में के स्थानीय खेल ग्राउंड में आयोजन हो रहा है। कथा के दूसरे दिन शेरे आर्य भूमि पंडित कमल किशोर जी नागर में श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि सतयुग में जिस तरह श्रवण कुमार ने अपने मां-बाप को कंधे पर बिठाकर चार धाम की यात्रा कराई गई थी, लेकिन आज कलयुग में बेटा अपने मां-बाप को चार धाम की यात्रा कराने में संकोच करता है जबकि उस जमाने में पैदल चल कर श्रवण कुमार ने अपने मां बाप की इच्छा पूरी की थी लेकिन अभी के समय में मां बाप की कोई पूछ परख नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बेटे जहां पर भी श्रीमद् भागवत कथा चल रही हो वहां पर अपने मां-बाप को जरूर भेज देना चाहिए ताकि चार धाम की यात्रा के बराबर पूर्ण मिल जाता है। आगे भी उन्होंने बताया कि हमेशा पराई, स्त्री पराया धन पर नजर नहीं रखना चाहिए, खुद के कमाए हुए रुपयों का इस्तेमाल करना चाहिए जैसे ग्रामीणजनों को भगवत कथा की जानकारी मिलती जा रही है वैसे वैसे श्रद्धालुओं की संख्या भी पांडाल में बढ़ती जा रही है।

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