झाबुआ। गुरूवार को श्री सत्यसार्इं सेवा समिति द्वारा सर्व धर्म सम भावना के तहत इद उल फितर के पावन पर्व पर विवेकानंद कॉलोनी स्थित सत्यधाम पर सर्वधर्म नाम संकीर्तन का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में समिति के महिला एवं पुरूषों ने भाग लिया। ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर समिति द्वारा नारायण सेवा का आयोजन कर गरीबों को भोजन वितरित किया गया वही इस के अवसर पर मुस्लिम भाईयों से मिल कर उन्हें ईद की शुभकामनाएं प्रदान की। शाम साढ़े सात बजे से सत्यधाम पर सर्वधर्म नाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सौभाग्यसिंह चौहान ने मुहम्मद साहब को मानवता का महान संदेशक बताते हुए कहा कि इस्लाम धर्म के पैगम्बर मुहम्मद साहब का जन्म आज से 1446 वर्ष पूर्व मक्का में हुआ था। उनके बाल्यकाल में ही उनके माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। उनका पालन पोषण उनके दादा व बाद में चाचा अबु तालिब ने किया। 25 वर्ष की आयु में उनका विवाह विधवा खदीजा से हुआ, फरिश्ते जिब्राईल के माध्यम से उन्हें अल्लाह का संदेश मिला। इस प्रकार कुरआन धरती पर उतारा गया। यही महीना रमजान का महीना था। इस कारण मुसलमान इसे सबसे पवित्र समय मानते है और पूरे माह रोजे रख कर अल्लाह की इबादत करते है। चौहान ने बताया कि मुहम्मद साहब को ही इस्लाम धर्म को लाने वाला पैगम्बर माना जाता है इन्हीं के द्वारा मुस्लिम धर्म का प्रादुर्भाव हुआ था। इस्लाम भी अल्लाह को हासिल करने के लिए अच्छे काम करने तथा दीन दुखियों की सेवा करने एवं भाईचारे एवं अमन शांति का पैगाम देता है।
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