झाबुआ। आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त जेएन. मालपानी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा झाबुआ जिले में प्रदेश शासन के निर्देशानुसार झाबुआ विकासखंड में सुखे का आकलन करने पहुंचे है क्योंकि इस समय इस संसदीय क्षेत्र में लोकसभा उपचुनाव होने वाले हैं तथा आचार संहिता लग चुकी है। ऐसे में भोपाल से किसानों की स्थिति जानने के लिए पहुंचे अधिकारी को जानकारी देने के लिए जिला प्रशासन ने पहले से कोई तैयारी नहीं की थी। आनन-फानन में अधिकारियों द्वारा बिना सर्वे किए हुए रिपोर्ट दी जा रही हैं। जहां अधिकतर किसानों की फसले बर्बाद हो चुकी है वहां अधिकारी 50 या 40 प्रतिशत फसलों के नुकसान का आकलन कर झूठी व मनघडंत रिपोर्ट दी जा रही है। इससे किसानों का हित होने वाला नहीं है। और सरकार किसानों को गुमराह कर एक चुनावी समय निकालने को लगी है। उक्त आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष सुश्री कलावती भुरिया, किसान कांग्रेस अध्यक्ष नंदलाल मेड एवं प्रवक्ता हर्ष भटट , आचार्य नामदेव, ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष हेमचंद्र डामोर आदि ने लगाते हुए कहा है कि इस प्रकार भाजपा अपना दोहरा मापदंड अपना रही है तथा किसानों को भ्रमित कर रही है ताकि किसानों के प्रति अपनी उदासिनता को ढकने का कार्य तथा डेमेज कंट्रोल करने का कार्य करने में लगी हुई है। कलावती भुरिया ने कहा कि जिले का किसान जो अपनी फसल बर्बाद होने के कारण पहले से ही कर्ज में डुब चुका है इस प्रकार के अत्याचार किसानों की हताशा को और अधिक बढा रहा है।
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