झाबुआ लाइव के लिए रायपुरिया से लवेश स्वर्णकार की रिपोर्ट-
शासन ने निजी स्कूलों की मान्यता के लिए आरटीएक्ट के तहत कई नियम लागू किए हैं, यदि आरटीएक्ट के नियमों का पालन नही होता है तो ऐसे स्कूलों व नए स्कूल खोलने के आवेदनों को निरस्त कर दिया जाता है। पेटलावद तहसील के कई छोटे छोटे गांवों में नियमों के विपरीत स्कूले संचालित हो रही हैं जहां आरटी एक्ट के अधिकांश नियमों का पालन नहीं किया जाता है। ऐसे ही मामले मे ग्राम बोलासा ओर धतुरिया मे निजी स्कूल खोलने के लिए बीआरसी पेटलावद को ऑनलाइन आवेदन किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शासन द्वारा बनाए गए आरटीएक्ट का पालन नहीं होता है। बताया जा रहा है कि बोलासा धतुरिया में स्कूल खोलने के लिए बीआरसी पेटलावद को आवेदन किए गए, किन्तु आरटीएक्ट के तहत कई नियमों का पालन करना होता है इन स्कूलों को अभी मान्यता भी नहीं मिली हे ओर यहां महज दो चार कमरे बताकर स्कूल खोलने के भ्रामक प्रचार प्रसार किए जा रहे हैं। ऐसे मे पालक भ्रमित हो रहे है अभी तक शासन की और से बोलासा धतुरिया मे किसी भी निजी स्कूल के लिए मान्यता नही मिलने की बात कही है।
ये है नियम-
वर्तमान में निजी स्कूलों की मान्यता के संबंध में कक्षा एक से आठवी तक मान्यता दी जा रही है ऐसे में स्कूल लाने के लिए कम से कम दस कमरे होना आवश्यक है परन्तु ग्रामीण क्षेत्र ीें महज दो चार कमरे बताकर स्कूल की मान्यता के लिए आवेदन कर दिए जाते हैं।
प्ले ग्राउंड जरूरी, कम से कम दस शिक्षक होना आवश्यक है। लड़के और लड़कियों के लिए अलग अलग लंट -बाथ होना चाहिए, प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध होना, स्कूल बस होना अनिवार्य है और भी आरटीएक्ट के तहत कई नियम लागू किए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आरटीएक्ट के नियमों का पालन नहीं हो पाता है फिर भी ऐसी स्कूलों को मान्यता दे दी जाती है और आरटीएक्ट के नियमो के पालन किये बिना स्कूल खोलने के लिए आवेदन कर दिये जाते है और इन आवेदनो के नाम पर क्षेत्र में पालकों को भ्रमित कर दिया जाता है। तहसील की बीआरसी एंव जिला शिक्षा अधिकारी कई बार दंबगों के दबाव में नियम विपरीत स्कूल खोलने के मान्यता दे देते हैं।
एडमीशन के पहले करना चाहिए पडताल-
पालको को ऐसे स्कूलों के बहकावों में नही आना चाहिए अपने बालक बालिकाओं के प्रवेश के पहले स्कूल की मान्यता वहां की व्यवस्था ओर आरटीएक्ट के नियमों के पालन करवाने वाली स्कूल में ही अपने बच्चों को प्रवेश दिलवाना चाहिए।
मान्यता मिली हो ऐसी कोई सूचना नहीं है
स्कूल खोलने के लिये हमारे कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन किए जाते है इन आवेदनो को यहां से जिला शिक्षा अधिकारी को फारर्वड करते है। अभी हमारे पास धतुरिया या बोलासा ग्राम मे स्कुुलो को मान्यता दी गई हो ऐसी कोई सूचना या आदेश प्राप्त नहीं है।
-बृजेश गौड़, बीआरसी पेटलावद
बोलासा-धतुरिया में मान्यता नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों में आरटीएक्ट का पालन नहीं हो रहा है ऐसे नये आवेदनों को रिजेक्ट कर रहे है नए स्कूल खोलने के लिये आवेदन आते है तो बीआरसी को मौके पर जाकर जांच करना चाहिए। मान्यता की शर्ते लागू नहीं होती है ऐसे आवेदनों को बीआसी को वही रिजेक्ट कर देना चाहिए। हमारे कार्यालय से इस वर्ष बोलासा धतुरिया में किसी भी स्कूल को मान्यता नहीं दी गई है।
– एनएस सोलंकी, जिला शिक्षा अधिकारी झाबुआ
मान्यता के बिना स्कूल खोलना नियमो के विपरीत
बिना मान्यता के स्कूल खोलने यां मान्यता मिलने के पहले स्कूल का प्रचार प्रसार या स्कूल खोलना नियमं के विपरीत है यदि ऐसा हो है तो उन पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए। मैं इस संबंध मे जिला शिक्षा अधिकारी से बात करती हूं।
-निर्मला भूरिया, विधायक
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