Trending
- जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने विधानसभा में उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा
- ट्रेक्टर ट्राली में लगे पाइप हैबीलाइन के तारों के संपर्क में आने से उसमें भरी गेंहू फसल जली
- ओवेश मेटल एंड मिनिरल प्रोसेसिंग और एसएमओ में व्यापारियों के फंसे लाखों रुपए, कई महीनों से भुगतान नहीं, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन सम्पन्न 154 वर वधु परिणय सूत्र में बंधे
- ग्राम पंचायत में मकानों की गणना के लिए सर्वे शुरू, घर घर दे रहे दस्तक
- रात के अंधेरे में अज्ञात वाहन से तेज रफ्तार बाइक का हुआ एक्सीडेंट
- जोबट वन क्षेत्र में लगी भीषण आग, आग लगने का कारण अज्ञात
- राणापुर में श्री आदि जिन पंचान्हिका प्रतिष्ठा महोत्सव का आगाज़, पत्रिका लेखन कल
- वेतन को लेकर एक सप्ताह से हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, गांव में जगह-जगह पड़ा है कचरा
- रानापुर में तेज रफ्तार बाइकर्स पर पुलिस का शिकंजा, पांच के खिलाफ चालानी कार्रवाई
झाबुआ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर आज महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। महिला दिवस के अवसर पर प्रभारी कलेक्टर अनुराग चौधरी कार्यक्रम में मौजूद थे और उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रके। वही जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी प्रधान झाबुआ जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनुकरणीय माहौल है, यहां जिला एडिशनल एसपी से लेकर जिले की विधायक निर्मला भूरिया, जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया, सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर, उप संचालक जनसंपर्क अनुराधा गहरवाल आदि ने अपने कर्तव्य के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश के मंत्रिमंडल में भी महिला मंत्रीगणों ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। जिले में ग्राम पंचायतों में निर्वाचित हुई महिला सरपंचों को अपने पतियों पर आश्रित नहीं रहना पड़े और सतत अपने क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके इसके लिए ऐसा वातावरण निर्मित किया जाए कि उन्हें अपने कर्तव्य एवं अधिकारों की जानकारी हो और वे सशक्त महिला की रूप में उभरकर सामने आए। वे ये समझ सके कि वह किसी भी स्तर पर पुरूषों से कम नहीं है और वह भी मुख्याधारा में आकर प्रदेश एवं अंचल के विकास में सहभागी हो सकती है। मध्यप्रदेश की सरकार के प्रयास से महिलाओं ने समाज के विकास में अपना सशक्त योगदान प्रदर्शित किया है। देश का संपूर्ण विकास महिलाओं के विकास के साथ ही संभव है। समाज के विकास के लिए पुरूष एवं महिला दोनो का समन्वित विकास जरूरी है।