सर्वर डाउन होने पर पिटोल बैरियर पर लगी वाहनों की कतारें

झाबुआ लाइव के लिए पिटोल से भूपेंद्र नायक की रिपोर्ट-

जांच चौकी पिटोल पर इस तरह लगा था वाहनों का जाम।
जांच चौकी पिटोल पर इस तरह लगा था वाहनों का जाम।
चेकिंग बूथों पर पसरा था सन्नाटा।
चेकिंग बूथों पर पसरा था सन्नाटा।

प्रदेशभर में वाणिज्यकर विभाग की साइड का सर्वर डाउन होने से जांच चौकियों पर चरमराई व्यवस्था का असर पिटोल बैरियर पर देखने को मिला। शुक्रवार सुबह कई वाहनों की बेहती (फार्म 59) के अपलोड नही होने से प्रभावित वाहनों से चक्काजाम के हालात निर्मित हो गए। बैरियर से गुजरात सीमा की ओर करीब 2 किमी दूर तक सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान वाहन चालक परेशान होते रहे। सर्वर के रुक-रुक कर बंद-चालू होने से कई वाहन पिछले तीन दिनों से यहां बैरियर पर खड़े थे।
सूत्रों के अनुसार ऐसे जाम के हालात प्रदेश के सेंधवा, खवासा, हनुमना सहित अन्य बैरियरों पर भी निर्मित हुए बाद में जाम से बिगड़ते हालातों को देखकर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद मेन्युअली दस्तावेजों की जांच पडताल के बाद वाहनों को छोड़ा गया। पिटोल बैरियर पर शुक्रवार सुबह इसी तरह रुके वाहनों को सुबह 9 बजे से छोडऩा प्रारंभ कर दिया गया है।
चाय-बिस्किट के सहारे निकाली रात
बेहती नहीं बनने एवं वाहन चालकों सुविधा नहीं मिलने से गुस्साएं वाहन चालको ने वाहन जो कि गुजरात से आकर प्रदेश एवं अन्य राज्यों को जा रहे थे उन्हे गुजरात से आनी वाली लेन पर अव्यवस्थित खड़े कर दिये जिससे जाम लग गया। वाहन चालकों का गुस्सा एकिकृत जांच चौकी पर एसएस इंफ्रा कम्पनी द्वारा संचालित सुविधाओं को लेकर भी था। बड़ौदा (गुजरात) निवासी मनोज कुमार यादव ने बताया कि एक तो वे दो दिन से यहां खडे है एवं यहां न तो कोई पिने के पानी की समुचित व्यवस्था है एवं न ही टॉयलेट में पानी है। चारो और गंदगी पसरी पड़ी है। गाड़ी से दो किमी दूर जाकर खाना खाना पडा यहां तक कि कई लोगों ने चाय-बिस्किट के सहारे रात निकाली है। दूर तक लगी कतार के वाहनों की सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं थे।
जिन्हे नहीं थी जरूरत उन्हे भी रुकना पड़ा
जिन वाहनों को बेहती की आवश्यकता नही थी उन्हे भी अव्यवस्था के चलते रुकना पड़ा। गैस टैंकर यूपी 78 सीटी1419 के चालक संजय तीवारी ने बताया कि हमें अनावश्यक रुकना पड़ रहा है। यहां कम्पनी का ट्रॉफिक पर कोई नियंत्रण नहीं है यहां शरारती तत्वों ने मनमानी कर वाहन रोड पर खड़े कर दिये जिससे वे जाम में फंस गये उन्हें लखनउ तक जाना था।
वरिष्ठ अधिकारियों के मौखिक निर्देश के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वाहनों के दस्तावेज लेकर जांच कर बाद में डाटा अपडेट करेंगे। विभागीय साइड का सेंटर सर्वर डाउन होने आवश्यक फार्म 49, 59, 50 के अपलोड नहीं होने के कारण जाम लगा था।
– सुनीलसिंह पंवार, कराधान सहायक
वाणिज्यकर चेक पोस्ट पिटोल