शराब के नशे में याद आई पुरानी रंजिश, देवझिरी ले जाकर हत्या कर हुए थे दोनों आरोपी फरार

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झाबुआ लाइव के लिए विपुल पांचाल की रिपोर्टरविवार शाम से लापता ओर मंगलवार को देवझीरी मे मृत पाए गए झाबुआ की विवेकानंद कालोनी निवासी ओर कैथोलिक मिशन स्कूल की इंग्लिश मीडियम के छात्र पार्थ चेतन शाह की हत्या उसके ही क्लासमेट मरेश वसुनिया ने अपने एक दोस्त विजय से मिलकर की थी। हत्या को अंजाम देने वाले दोनों आरोपीयों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। झाबुआ एसपी महेशचंद्र जैन ने पुलिस कंट्रोल रुम मे आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे हत्याकांड का विस्तृत खुलासा किया।
एक साल पहले हुआ झगड़ा बना वजह.
एसपी महेशचंद्र जैन ने बताया कि पार्थ शाह झाबुआ के कैथोलिक मिशन स्कूल का 9 वी क्लास का छात्र था तथा इसी स्कूल में 10वी क्लास में मरेश वसुनिया निवासी झाबुआ के साथ पढ़ता था। विगत साल मरेश और पार्थ में आपस मे किसी बात को लेकर मनमुटाव बढ़ गया था ओर बात झूमाझटकी तक पहुंच गयी थी। मरेश इस बात को हमेशा मन मे रखता था ओर रविवार को उसने दोस्ताना व्यवहार कर पार्थ को पहले कांफिडेंस मे लिया ओर यहां से मरेश वसुनिया और विजय ने सत्यम के मकान पर सुअर के मांस की पार्टी के साथ शराब पी गई। उसके बाद गौरव की स्कूटी से पार्थ और गौरव का एक आपराधिक प्रवृत्ति वाला दोस्त विजय उम्र 18 वर्ष साथ हो लिए, देवझिरी मंदिर के समीप गुफा के पास तीनों ने बैठकर फिर बीयर पी और वही मरेश ने विजय को बोला कि इससे पार्थ से पुराना हिसाब आज चुकता करना है यह बोलकर दोनों ने पार्थ से चांटे मारकर मारपीट शुरु की ओर जब पार्थ ने विरोध किया तो दोनों ने आपस मे कहा कि अब यह रिपोर्ट करेगा इसलिए निपटाना पड़ेगा और उसके बाद ताबड़तोड़ पत्थरों के वार से पार्थ की जान ले ली। उसके मरने के बाद दोनों ने उसके शव को झाडियों मे फेंक दिया। यह घटना रविवार शाम 7 बजे के आसपास की है।
पहले भागकर जीजा के यहां पहुंचे.
एसपी के अनुसार पार्थ की हत्या को अंजाम देने के बाद मरेश और विजय दोनों भागकर धार जिले सादलपुर थाने के केसूर गांव विजय के जीजा के घर पहुंचे और उनसे पैसै मांगे। मगर बहन और जीजा ने पैसे नही दिए। इस पर दोनो ने कपड़े बदले ओर फिर झाबुआ चले आए।
ऐसे पुलिस पहुंची दोनो तक
झाबुआ पुलिस दोनों हत्यारों तक इतनी जल्दी कैसे पहुंच गई। एसपी महेशचंद्र जैन के अनुसार पहले पार्थ के साथी छात्र आशीष निवासी एलआईसी कॉलोनी का नाम सामने आया। इस पर आशीष ने बताया कि उसने पार्थ के कहने पर उसे किशनपुरी मे रहने वाले सत्यम अहिरवार के यहां छोडा है, जब पुलिस सत्यम तक पहुंची तो सत्यम पहले भूमिगत मिला फिर उसने बताया कि पार्थ को मरेश वसुनिया के साथ उसने देखा था। इस परीक्षा मरेश वसुनिया को पुलिस ने उठाया ओर पूछताछ की। इस पर मरेश ने पूरा जुर्म कबूल कर लिया और विजय के साथ यह घटना रंजिश भावना से करना कबूल कर ली।
लेकिन घटना ने अभिभावकों के लिए खडे किये सवाल ओर बजाया अलर्ट अलार्म
पार्थ शाह की हत्या ओर हत्या की परिस्थिति की कहानी यह साबित करती है कि झाबुआ जैसै छोटे शहर में किशोरों का मिजाज किस तरफ जा रहा है 13 महीने पहले नाइट्रा के चक्कर मे एक बच्चे की जान चली गई थी और अब पार्थ की हत्या की कहानी में सुअर मांस य शराब, सब कुछ आ रहा है अब सोचिए 13-14 साल के बच्चे शराब पी रहे है य बाइक दौड़ा रहे है।