रतलाम संसदीय क्षेत्र में पटरी से उतरा विकास-कांग्रेस प्रत्याशी

KLB_PP_04झाबुआ। रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और स्वयं श्री भूरिया द्वारा जनसंपर्क एवं सभाओं का सिलसिला प्रारंभ किया जा चुका है। भूरिया ने कल अलीराजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क और सभाओं के साथ चुनाव प्रचार की शुरूआत की। 6 से 8 नवंबर तक के अपने तीन दिन के सघन चुनावी दौरे के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव भी आज इंदौर से संसदीय क्षेत्र में पहुंच गए है। अपने दौरे के प्रथम दिन श्री यादव ने झाबुआ जिले के बिसोली, कल्याणपुरा, आमलीपठार, गोपालपुरा, भगोर, बुंदीपाडा, बरोड़, नेगडिया और अंतरवेलिया में घर-घर जाकर सघन जनसंपर्क किया और कांग्रेस की विशाल सभाओं को संबोधित किया।यादव ने अपने इस जनसंपर्क दोरे के दौरान कल्याणपुरा में पार्टी के चुनाव कार्यालय का शुभारंभ भी किया। आपने कहा कि व्यापम जैसे घोटालों में फसी भाजपा की सरकार विकास और जनहित को तो भूला ही बैठी है। प्रदेश की माली हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मुख्यमंत्री को किसानों को राहत देने के लिए उधार में धनराशि जुटाने की बात कहना पड़ रही है।उन्होंने कहा कि जो सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकती है वह कुछ भी गलत करने से पीछे नहीं रहेगी। संसदीय क्षेत्र के आदिवासियों का मजदूरी की तलाश में पलायन बहुत चिंताजनक है। पूर्व विधायक जेवियर मेडा, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निर्मल मेहता, जिला कांग्रेस प्रवक्ता आचार्य नामदेव, जिल ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष हेमचद्र डामोर, नगर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव शर्मा, राजेन्द्र टेलर, मुकेश बैरागी एवं बडी संख्या में पंच-सरपंच उपस्थित थे। कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया अलीराजपुर जिले के जिन-जिन गांवों में जनसंपर्क के लिए पहुंचे वहां के लोगो ने उनका हदय से स्वागत किया और जीत के लिए शुभकामनाएॅं दी। गांव में सभा मे भूरिया ने कहा कि भाजपा की सरकार ने वन अधिकार कानून के तहत पात्र आदिवासी परिवारों को जमीन का पटटा देने में घोर उपेक्षा बरती है। बड़ी संख्या में आदिवासियों को पटटे नहीं मिल पाएं है। दूसरी तरफ कंट्रोल की दुकानों का माल कालेबाजारों मे बेरोक-टोक बेचा जा रहा है और गरीब उपभोक्ता राशन के भाव में कष्ट भोग रहंहै। आपने कहा कि संसदीय क्षेत्र में विकास पटरी से उतर चुका है। भाजपा के कार्यकर्ताओं और बिचोलियों ने वसूली का ऐसा दौर चला रखा है कि अधिकारी और कर्मचारियों को दफतरों में काम करना कठीन हो गया है। इसके अलावा व्यापारी भी इस वसूली से बहुत परेशान है।