झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए कांतिलाल भूरिया होंगे कांग्रेस के उम्मीदवार,सोमवार को भरेंगे नामांकन

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चंद्रभानसिंह भदोरिया @ चीफ एडिटर

लंबी उठापटक के बाद अंतत: कांग्रेस ने कांतिलाल भूरिया को झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर लिया है उनके नाम की घोषणा दिल्ली में कर दी गई है। स्थानीय संगठन ओर आदिवासी जनप्रतिनिधियों के साथ साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का भी भूरिया को साथ मिला, जिसके बाद भूरिया के नाम पर सहमति बन गयी ।

यह है कांतिलाल भूरिया का राजनीतिक इतिहास-

कांतिलाल भूरिया ने छात्र राजनीति से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी .. ओर उसके बाद उन्होंने झाबुआ जिले की थादंला विधानसभा की ओर रुख किया ओर पहला विधानसभा चुनाव हारे लेकिन उसके बाद हुऐ थादंला विधानसभा चुनाव मे वह विजय घोषित हुऐ ओर अर्जुन सिंह सरकार मे संसदीय सचिव बनाऐ गये .. उसके बाद वह लगातार विधायक रहे ओर 1993 मे बनी दिग्विजय सिंह सरकार मे प्रदेश के आदिवासी विकास मंत्री बनाऐ गये .. 1996 मे दिग्विजय ओर दिलीप सिंह भूरिया की जब कांग्रेस मे जंग तेज हुई तो दिलीप सिंह भूरिया ने कांग्रेस छोड बीजेपी का दामन थाम लिया .. इसके बाद हुऐ लोकसभा चुनाव मे कांतिलाल भूरिया ने कांग्रेस की ओर से सांसद का चुनाव लड़ा ओर बीजेपी के दिलीप सिंह भूरिया को हराया .. उसके बाद से भूरिया 2014 तक लगातार सांसद रहे इस दोरान वह मनमोहन कैबिनेट मे पहले कृषी राज्य मंत्री ओर फिर आदिवासी मामलो के कैबीनेट मंत्री रहे .. सन 2011 मे भूरिया मध्यप्रदेश कांगेस कमेटी के अध्यक्ष बनाऐ गये .. 2014 मे मोदी लहर मे लोकसभा चुनाव हारने के बाद भूरिया 2015 मे फिर से लोकसभा उपचुनाव मे जीतकर लोकसभा सासंद रहे लेकिन 2019 की मोदी लहर मे वह फिर चुनाव हार गये थे ।

झाबुआ विधानसभा ओर मोरडूंडिया का भूरिया परिवार-

झाबुआ विधानसभा सीट पर अब तक एक मिथक भी रहा है वह यह कि यह विधानसभा सीट मोरडूंडिया के भूरिया परिवार के पास नही रही .. खुद कांतिलाल भूरिया इस विधानसभा के नागरिक थे लेकिन राज्य विधानसभा के लिए वह थादंला से विधायक बनते आये है इसी परिवार की कलावती भूरिया झाबुआ जिला पंचायत अध्यक्ष रही है लेकिन वह लाख कोशिश के बावजूद झाबुआ से विधायक नही बन पाई .. 2008 मे कांग्रेस ने कलावती भूरिया को टिकट दे भी दिया था लेकिन अचानक बदलकर थादंला कर दिया जहां से लड़ने से कलावती भूरिया ने इंकार कर दिया था .. उसके बाद आया 2013 जब कलावती भूरिया ने फिर टिकट हासिल करने की कोशिश की लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया नतीजा नाराज कलावती भूरिया ने बगावत कर निर्दलीय प्रत्याक्षी के रूप में झाबुआ से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नही पाई .. फिर आया सन 2018 .. इस बार भी कलावती भूरिया ने झाबुआ विधानसभा से टिकट हासिल करने की कोशिश की लेकिन उन्हें अलीराजपुर जिले के जोबट से टिकट दिया गया ओर वे वहां से विधायक भी बन गयी .. दूसरी तरफ 2018 मे पहली बार मोरडूंडिया के भूरिया परिवार को डाक्टर विक्रांत भूरिया के रूप मे झाबुआ विधानसभा का टिकट मिला लेकिन वे विधानसभा नही पहुंच सके ओर अब खुद कांतिलाल भूरिया को झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के जरिऐ इस मिथक को तोडने का अवसर मिला है अब देखना है कि कांतिलाल भूरिया कामयाब होंगे या नहीं।

29/30 को भरेंगे नामांकन; करेंगे बडी रैली-

कांतिलाल भूरिया संभवतः मुहूत॔ के हिसाब से 29 या 30 सितंबर को अपना नामांकन फाम॔ भरेंगे ओर इसके पहले बडी नामांकन रैली करेगे जिसमे मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित दिग्विजय सिंह ओर आला नेताओ के साथ 10 से ज्यादा मंत्री भी शामिल होंगे ।

समथ॔कों मे जश्न का माहोल-

कांतिलाल भूरिया को टिकट मिलना तय होते ही उनके समथ॔को मे जश्न का माहोल है ज्यादातर समथ॔क भोपाल मे है ओर अब दो दिन के बाद लोट रहे है .. रास्ते मे ही उन्होंने जश्न मनाना शुरु कर दिया है ।

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