झाबुआ उर्स का भव्य शुभारंभ

झाबुआ। सभी अकीदतमंदों को एक साथ कुरआन-ए-पाक का पाठ करते देखना क्या बच्चे क्या बड़े सभी के हाथों पर कुरआन शरीफ की आयते दरूदांे फातेहा और लोबान की खुशबू सारा माहौल एकदम रूहानी और शब्द जहां वर्णन न कर सके ऐसा दिव्य वातावरण यह मंजर था झाबुआ के हुसैनी चोक में स्थित जमाअत खाने का। इसी के साथ झाबुआ उर्स का आगाज हुआ कुरआन ख्वानी में बड़ी तादात में सभी मदरसों के बच्चे, नौजवान, बजुर्गु एवं महिलाएं शरीक हुए। इसके बाद स्थानीय हुसैनी चोक में अकीदतमंद1 का आने का सिलसिला शुरू हुआ कोई सिर पर फूलों का थाल लिए तो कोई गुलाब की माला का थाल लिए, तो कोई सूखे मेवों का थाल, तो कोई मिठाई का थाल लिए हुसैनी चोक पहंुच रहा था। बैंड व डीजे पर नात-ए-रसूल एवं सूफियाना कलाम की स्वर लहरियों के मध्य चादर शरीफ का थाल लेकर जलसा प्रारंभ हुआ। शहर के मुख्य मार्गो से गुजरते हुए जलसा देर शाम दरगाह शरीफ पर पहंुचा। दरगाह शरीफ दोनों सूफी हजरत चांद शाह वली गुलाब शाह वली (रेअ) के मजार शरीफ पर चादर शरीफ पेश की गई। हाजी सलीम बाबा एवं हाजी निसार बाबा ने मुल्क एवं कुल इंसानियत के हक में शान्ति, पे्रम, भाईचारा एवं एकता के लिए दुआ की। दरगाह शरीफ पर झिलमिल करते हजारों बल्बों की रोशनी मानों टिमटिमातें सितारो का आभास दे रहे थे। रात्रि में इशा की नमाज के बाद दरगाह शरीफ पर भव्य मंच पर मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। नात-ए-पाक से मिलाद शरीफ का आगाज हुआ। इस्लाम के विद्धानों ने इस्लाम की शिक्षाओं पैगंबर हजरत मुहम्म्द स.अ.व.स. एवं कुरआन शरीफ के हवाले से अपने विचार व्यक्त किए।
आज के कार्यक्रम
शुक्रवार को रात्रि में नमाज-ए-इशा के बाद दरगाह शरीफ के पास बने भव्य मंच पर आगाज होगा। महफील-ए-सिमां का कव्वाली की शानदार दावत की पहली रात के फनकार होंगे देश विदेशों में अपने हुनर देने वाले कव्वाल सरफराज चिश्ती (सम्बल मुरादाबाद) एवं दनिश शबाब (मुंबई) दोनो ही पार्टी सूफियाना कलाम की बेहतरीन पेशकश के लिए जानी जाती है। इस पेशकश की मुख्य अतिथि होंगी कलावली भूरिया जिला पंचायत अध्यक्ष एवं विशेष अतिथि होंगे डाॅ. विक्रांत भूरिया, सुरेश चन्द्र जैन (पप्पू भैया) एवं हितेश पडियार मेघनगर। उर्स कमेटी के सदर जाकिर हुसैन ने सूफी  की सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा के सिलसिले में सभी अकीदतमंदो से गुजारिश है कि भारी तादाद में शिरकत कर उर्स मुबारक को कामयाब बनाएं।