जिलेभर में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सेंटरों की भरमार, दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर काट रहे चांदी

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अर्पित चोपडा़, खवासा

जिलेभर में फर्जी कागजात तैयार करने का धंधा जोरों पर है। भारत सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण “आधार कार्ड” योजना भी इससे अछूती नहीं है । जिलेभर में आधार सेंटर की कमी के चलते जिलेभर में कई ऐसे कम्प्यूटर वर्क सेंटर तैयार हो गए है जो मोटी रकम वसूल कर फर्जी तरीके से आधार संसोधन का कार्य कर रहे है। सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर कई अपात्र भी लाभ लेने के चक्कर में आधार में फेरबदल करवा रहे है साथ ही जानकारी के अभाव एवं आवश्यक कागजात जुटाने में होने वाली झंझट से बचने के लिए कई ग्रामीण भी इनकी वसूली का शिकार हो रहे है।

ऐसे हो रहा फर्जीवाड़ा
नियमानुसार आधार में संसोधन के लिए सरकारी कार्यालयों में संचालित हो रहे आधार सेंटर पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जाकर संसोधन करवाना होता है। किंतु आवश्यक दस्तावेज जुटाने की झंझट से मुक्ति पाने और शॉर्टकट में कार्य करवाने के चलते लोग इन फर्जी आधार सेंटर चलाने वाले दुकानदारों के चक्कर मे फस रहे है । ये कंप्यूटर वर्क सेंटर गैर कानूनी रूप से सॉफ्टवेयर के माध्यम से आवेदक की बिना किसी बॉयोमेट्रिक सहमति के आधार कार्ड में छेड़छाड़ करते हुए संसोधन कर मोटी रकम ऐंठ रहे है। जबकि आधार में कोई भी संसोधन के लिए आवेदक की बॉयोमेट्रिक सहमति या ओटीपी वेरिफिकेशन (ऑनलाइन आवेदन के संबंध में) आवश्यक होता है ।

केवल हार्ड कॉपी में दिखाई देता है सुधार
मोटी रकम के चक्कर में फर्जी तरीके से हो रहे इस कार्य में “फोटोशॉप सॉफ्टवेयर” की भी सहायता ली जाती है। इसके तहत आवेदक के आधार कार्ड को स्कैन कर इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से उसमे सरनेम जोड़ना, जन्मदिनांक सुधार, पता परिवर्तन कर एक अत्यंत गंभीर आपराधिक कार्य किया जाता है । इस फर्जी तरीके से किया जाने वाला सुधार केवल हार्डकॉपी में ही दिखाई देता है जबकि सरकारी रिकॉर्ड में कोई भी सुधार नहीं हो पाता। इस फर्जी हार्डकॉपी से लोग कई सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर गैरकानूनी तरीके से लाभ प्राप्त कर रहे है ।

ऐसे हो सकती है फर्जी आधार कार्ड की पकड़
सामान्य नजर से देखने पर यह फर्जी आधार कार्ड ओरिजनल जैसे ही दिखाई पड़ते है किंतु इन्हें यदि बारीकी से देखा जाए तो आसानी से पकड़ा जा सकता है। आधार के ओरिजनल फोन्ट और सॉफ्टवेयर के माध्यम से लिखे फोन्ट में अंतर दिखाई देता है। जहां बॉयोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से कार्य होता है वहाँ यह फर्जीवाड़े बहुत प्रकाश में आ रहे है । क्योंकि व्यक्ति के पास फर्जी तरीके से संसोधित आधार कार्ड होता है किंतु सिस्टम में ओरिजनल सरकारी रिकॉर्ड दिखाई देता है ।

जिलेभर में फैला है फर्जी सेंटर वालों का मकड़जाल
गैरकानूनी रूप से आधार में छेड़छाड़ कर मोटी रकम ऐंठने वालों का मकड़जाल पूरे जिले में फैला है । खासतौर पर यह सरकारी कार्यालयों, तहसील स्तर के नगर में अधिक है। यदि ईमानदारी और गंभीरता से इनकी जांच और धरपकड़ की जाए तो जिले के अधिकांश प्रमुख कस्बों से यह गैरकानूनी कार्य करने वाले आसानी से पकड़ में आ सकते है ।
इस संबंध में झाबुआ live ने जिला कलेक्टर प्रबल सिपाहा से बात की तो उन्होंने बताया कि जांच में यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो इसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी । इस तरह का कृत्य पूरी तरह से धारा 420 का अपराध है । आपकी जानकारी में भी कोई नाम है तो आप बताए, सही पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।

 

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