औद्योगिक क्षेत्र में विकास करोड़ों खर्च, विकास कार्य में भ्रष्टाचार की बू, पहली ही बारिश में उखड़ी नालिया

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भूपेंद्र बरमंडलिया, मेघनगर

राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ऐसी नीतियों का निर्धारण कर रही है। जिनके कारण मध्यप्रदेश उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में स्वावलंबी हो सके है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक फैक्ट्रियों को बेहतर लाइट, सड़क एवं अन्य सुख सुविधा देने के साथ साथ झाबुआ जिले में कुछ हद तक पलायन रोकने में भी कारगर सिद्ध होने के लिए उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देना व सौंदर्यीकरण एवं बेहतर बनाने के लिए मेघनगर एकेवीएन द्वारा लगभग 30 करोड़ से भी अधिक लागत के विकास कार्य की सौगात मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र को दी गई थी। उक्त निर्माण कार्य के विकास का टेंडर कृष्णा कंस्ट्रक्शन को दिया था। मेघनगर के समस्त औद्योगिक क्षेत्रों की फैक्ट्री की ओर जाने हेतु सुगम मार्ग का निर्माण,नवीन नालियां का निर्माण,लाइट के पोल,पुलियो का निर्माण एवं कई प्रकार की सौंदर्यकरण से संबंधित विकास कार्य निर्माण का लगभग 30 करोड़ से अधिक राशि का टेंडर दिया था। ठेकेदार ने उक्त कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग कर निर्माण कार्य तो कर दिया लेकिन पहली ही बारिश ने ठेकेदार द्वारा किए गए कार्यों में भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी फैक्ट्रियों के आसपास बनाई गई कई नालियां बारिश में टूट गई एवं इन नालियों में मजबूती और गुणवत्ता की बात करें तो उन पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे है। निर्माण नाली पर कुछ ठोकर से ही नवीन निर्मित नालियां बुर बुर करके टूट रही है। सड़क की बात करें तो नई बनी डामर सड़क पर भी अभी से गड्ढे होने लगे हैं जो औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की ओर दृष्टि को अंकित करता है।

 औद्योगिक क्षेत्र की नालियों वेस्ट पानी जा रहा है थांदला नलजल फिल्टर एवं मेघनगर फिल्टर प्लांट में

उक्त निर्माण कंपनी के ठेकेदार ने बड़ी चालबाजी से मेघनगर उद्योगक क्षेत्र में निकलने वाले प्रदूषित एवं वेस्ट पानी की निकासी का एक सिरा बंद पड़े अरिहंत सोया के पास की नवीन निर्माण नाली से गारिया पुलिये से होता हुआ झायडा ग्राम के पहले उक्त दूषित पानी अनास नदी के नवीन बन रहे फिल्टर प्लांट में जाकर मिलेगा जिससे आने वाले समय में मेघनगर की नवीन बन रही 29 करोड़ रुपये की अधिक की नल जल योजना के कनेक्शन जोड़े जाना है वह प्रभावित हो रहा है।वही उक्त नवीन बनी नालियों का दूसरा सिरा मेघनगर रेल्वे लाइन के पास महाकालेश्वर प्लांट के सामने से मेघनगर राखड़िय वन क्षेत्र में होते हुए पाट व पद्मावती नदी में समाहित होता है वहां से थांदला की पद्मावती नदी में मिलता है जहां पर फिल्टर प्लांट बना हुआ ।अब ऐसे में हजारों लोग इस दूषित पानी को पी रहे हैं। उक्त ठेकेदार के निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों की जांच करने की मांग नगर के गणमान्य नागरिकों ने की है। जो बड़े भ्रष्टाचार के साथ साथ आम जनता के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ कर रहा है।

 

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