आत्महत्या करने से अच्छा है शरीर को भगवान के कार्यों में समर्पित करे : पंडित कमलकिशोरजी नागर

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गोपाल राठौड़, कट्ठीवाड़ा
कट्ठीवाड़ा में आज भागवत कथा के दूसरे दिन पं कमल किशोर जी नागर ने धर्मावलंबियों को कथा श्रवण कराते हुए कहा कि कही जगह लोग आत्महत्या कर लेते है, आत्महत्या करने की बजाय इस शरीर को भगवान के कार्यों में समर्पित करे, मानव जीवन मिला है, उसे अच्छे कार्यों में लगाए। माया छोड़ देना माल छोड़ देना पर माला मत छोडऩा यह बूढ़ापे तक का खिलौना है जो अंत तक काम आएगा। कथा में अपनी मधुर वाणी से गुरूदेव ने भजनों का भी श्रवण कराया। शेरे आर्य भूमि नागरजी ने कहा कि मनुष्य को मरने लिए एक गोली काफी है ओर जीने के लिए अनगिनत गोली लेना पड़ती है। इसी प्रकार आदमी को बिगाडऩे में एक व्यक्ति काफी हौ एवं उसको सुधारने में अनेक व्यक्ति कि जरुरत होती है। कट्ठीवाड़ा के सांवलिया धाम पर कल से शुरु हुए। भागवत कथा में सात दिन तक 24 घंटे, नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र के जाप भी पाडाल ने कथा मे पश्चात किये जा रहे हैं। वही सुबह 5 बजे प्रतिदिन नगर में प्रभात फेरी भी निकाली जा रही है जिसमे नमो भगवते वासुदेवाय का जाप भक्तों द्वारा किए जा रहे हैं।
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