आचार्य सागरजी की 73वीं जन्म जयंती मनाई

झाबुआ। परम् पूज्य दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा द्वारा प्रतिष्ठित जैन तीर्थ ऋषभदेव बावन जिनालय में परम् पूज्य मालव भूषण आचार्य नवरत्न सागर सूरीश्वर मसा की 73वीं जन्म जयंती शनिवार को तप-जप एवं आराधना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सामूहिक सामायिक, मदर टेरेसा आश्रम पर फल वितरण के साथ ही श्री संघ एवं नवरत्न परिवार की ओर से गुरू गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। पूज्य आचार्यश्री के 73वें जन्म जयंती के अवसर पर पर शनिवार को प्रात: साढ़े 6 बजे भक्तामर पाठ किया गया। शांतिनाथ भगवान की स्नात्र पूजन के बाद आरती उतारी गई। कई श्रद्धालुओं ने एकासना एवं आयंबिल का तप किया। दोपहर में श्राविकाओं ने सामूहिक सामायिक एवं श्री नवकार महामंत्रजी का जाप किया गया। इस अवसर पर श्री संघ के रतनलाल सकलेचा, सोहनलाल कोठारी, प्रदीप जगावत, जयेश कांठी, महेश संघवी, वागमल कोठारी एवं नवरत्न परिवार से अध्यक्ष अर्पित चौधरी, शशांक संघवी, रितेश कोठारी, धर्मेन्द्र कोठारी, अंकित कोठारी, विपुल जैन, उल्लास जैन आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन सुश्रावक संजय मेहता ने किया। आभार अनिल रूनवाल ने माना। सभा पश्चात् नवरत्न परिवार को श्री संघ द्वारा प्रभावना का वितरण किया गया। दोपहर ढाई बजे मदर टेरेसा आश्रम में श्री संघ के युवा पहुंचे।
मालवा महासंघ के जिला प्रभारी यशवंत भंडारी ने आश्रम में निवासरत लोगो एवं सेवकों को बताया कि श्री संघ द्वारा आश्रम में आचार्य श्री नवरत्न सागरजी का पहला जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होने बताया कि जिस तरह मदर टेरेसा है, उसी तरह आचार्यश्री भी महान संत है। वे संतों में कोहीनूर रत्न के समान है। उनके जीवन के बारे में जितना बखान किया जाएगा, उतना ही कम है।